तरनतारन के पूर्व विधायक के बेटे-बहू पर FIR:3 आरोपी गिरफ्तार, पांच साल किया फर्जी भुगतान, करोड़ों की राशि बकाया

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने तरनतारन के पूर्व विधायक डॉ. धर्मवीर अग्निहोत्री के पुत्र एवं पुत्रवधू और नगर काउंसिल तरनतारन के कार्यकारी अधिकारी (ईओ), क्लर्क और एक फर्म के मालिक के खिलाफ फंड में बड़ी हेराफेरी करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। इस केस में आरोपी शरणजीत कौर ईओ, नरिंदर कुमार क्लर्क और फर्म के मालिक राजीव गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि संदीप कुमार अग्निहोत्री और उनकी पत्नी ज्योति सचदेवा अभी पकड़ से बाहर है। आरोपियों के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो की अमृतसर रेंज के थाने में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 13(2) के साथ-साथ 13(1) और आईपीसी की धारा 409, 420, 465, 467, 468, 471, 120-बी के तहत एफआईआर नंबर 22, दिनांक 2.05.2025 दर्ज की गई है। स्थानीय निकाय विभाग ने की जांच राज्य विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में स्थानीय निकाय विभाग द्वारा की गई चेकिंग के नतीजों के आधार पर केस दर्ज किया गया है। इस केस को अगली जांच विजिलेंस ब्यूरो कर रही है। इस केस के आरोपियों में शरणजीत कौर, कार्यकारी अधिकारी (अब निलंबित) और नगर काउंसिल तरनतारन का क्लर्क नरिंदर कुमार, पूर्व विधायक धर्मवीर अग्निहोत्री का पुत्र संदीप कुमार अग्निहोत्री और उनकी पत्नी ज्योति सचदेवा शामिल है। यह मैसर्स एमके पद्म पेट्रोलियम की मालिक हैं और न्यू पवन नगर अमृतसर के निवासी राजीव गुप्ता, जो मैसर्स शार्प फोकस विजन प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एसआर एंटरप्राइजेज लिमिटेड के शेयरधारक हैं, शामिल हैं। पांच साल धोखाधड़ी वाले लेन देन किए जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि उपरोक्त कार्यकारी अधिकारी द्वारा 2017-2022 के वर्षों के दौरान धोखाधड़ी वाले लेन-देन किए गए थे। उसने मैसर्स सिद्धू कंस्ट्रक्शन कंपनी, मैसर्स ब्रदर कंस्ट्रक्शन कंपनी और मैसर्स फ्रेंड्स एसोसिएशन को विभिन्न चेकों के माध्यम से गलत भुगतान किए थे। इसके अलावा, पूर्व विधायक धर्मवीर अग्निहोत्री के पुत्र संदीप कुमार अग्निहोत्री के साथ मिलकर, दोषी ईओ ने उनके कंपनियों मैसर्स शार्प फोकस विजन प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स एसआर एंटरप्राइजेज को भी जाली भुगतान किए थे। सख्ती के बाद कुछ राशि जमा करवाई स्थानीय निकाय विभाग पंजाब द्वारा की गई चेकिंग के दौरान, उपरोक्त जाली अदायगी की वसूली तो हो गई, लेकिन 27 लाख 88 हजार रुपए की राशि अभी भी बकाया है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संदीप कुमार अग्निहोत्री ने अपनी पत्नी ज्योति सचदेवा की मालिक वाले मैसर्स एमके पद्म पेट्रोलियम के नाम पर जारी किए गए 4 करोड़ 41 लाख 03 हजार 086 रुपए के जाली भुगतान भी प्राप्त किए थे। बाद में संदीप अग्निहोत्री ने इस जाली अदायगी का कुछ हिस्सा नगर काउंसिल तरनतारन के खातों में वापस जमा करवा दिया, लेकिन 35 लाख 45 हजार 404 रुपए अभी भी बकाया हैं। बकाया बिलों के आंशिक अदायगी के बाद मैसर्स एमके पद्म पेट्रोलियम की तरफ कुल 1 करोड़ 05 लाख 30 हजार 628 रुपए की बकाया राशि पाई गई। इसके अलावा, प्रमुख सचिव, स्थानीय निकाय, पंजाब द्वारा प्रदान की गई विभागीय निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, ईओ शरणजीत कौर ने क्लर्क राजीव कुमार (अब मृत), जो कि उसके दफ्तर में तैनात था और उपरोक्त क्लर्क नरिंदर कुमार को बिना किसी बिल या वर्क ऑर्डर के भुगतान जारी किए थे। इसके अलावा, यह भी पाया गया कि 14 लाख 61 हजार 980 रुपए, 3 लाख 25 हजार रुपए और 2 लाख 09 हजार 400 रुपए का भुगतान बिना किसी टेंडर या कोटेशन के विभिन्न फर्मों को किया गया था।

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