रांची| झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की सहायक प्रोफेसर, डॉ. शिखा चौरसिया को भारत सरकार के एजुकेशन फाइनेंसिंग एजेंसी की ओर से सीएसआर के तहत “स्टैंडाईजेशन ऑफ ग्रैविटी बेसेस माइक्रो इरीगेशन सिस्टम फॉर ट्राइबल फॉर्मर्स ऑफ छोटा नागपुर प्लेटू रीजन, झारखंड’ विषय पर शोधप्रोजेक्ट को मंजूर किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत उन्हें चालीस लाख रुपए मिलेंगे, जिसमें उन्हें राज्य के सिंचाई संबंधित समस्या के समाधान पर कार्य करना होगा। डॉ. चौरसिया ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से झारखंड राज्य के अधिकांश किसानों को लाभ होगा। छोटे पैमाने की ड्रिप सिंचाई प्रणाली के तहत ज़्यादा से ज़्यादा क्षेत्र को सिंचाई व्यवस्था दी जा सकती है।


