एसोसिएशन ने होटलों से जुड़ी समस्याओं को उठाया, सांसद संजीव अरोड़ा ने समाधान का भरोसा दिया

भास्कर न्यूज| लुधियाना होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा के साथ हुए इंटरेक्शन प्रोग्राम के दौरान होटल कारोबार से जुड़ी प्रमुख समस्याओं को सामने रखा। सांसद अरोड़ा ने इन मुद्दों को प्राथमिकता से हल करने का आश्वासन दिया। एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों अमरवीर सिंह और गुरदीप सिंह टक्कर सहित अन्य सदस्यों ने अरोड़ा की उद्योग के प्रति सकारात्मक सोच की सराहना की। उन्होंने भोजनालयों के संचालन समय बढ़ाने की दिशा में पहल करने के लिए अरोड़ा का आभार भी जताया। लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस द्वारा रेस्तरां, बार और अन्य भोजनालयों को देर रात तक संचालन की अनुमति देने का निर्णय हाल ही में लिया गया, जिसे एसोसिएशन ने दस वर्षों से लंबित मांग बताया। अरोड़ा के संज्ञान में मामला आने के दस दिन के भीतर इस पर कार्रवाई हुई। इसके अलावा होटल व्यवसायियों ने बताया कि भले ही उन्हें उद्योग का दर्जा मिल चुका है, पर इससे जुड़े लाभ अभी तक नहीं मिल पाए हैं। अरोड़ा ने भरोसा दिलाया कि वे इस विषय को राज्य सरकार के समक्ष उठाएंगे। साथ ही, भवन योजनाओं की मंजूरी के लिए वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लागू करने की मांग पर विचार का आश्वासन भी दिया। हीरो बेकरी चौक से पखोवाल रोड तक बने रोड ओवरब्रिज (आरओबी) पर दो-तरफा यातायात की अनुमति दिए जाने पर स्थानीय निवासियों ने सांसद संजीव अरोड़ा का आभार जताया। यह मांग पूर्व में नागरिकों द्वारा सार्वजनिक बैठकों में सांसद के समक्ष रखी गई थी, जिसके बाद स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ने आवश्यक निर्णय लिया। मौके पर पार्षद कपिल कुमार सोनू, वरिंदर पाल सिंह, आर्किटेक्ट हरबंस सिंह सेखों, हरसिमरनजीत सिंह, वनीत अरोड़ा, कैप्टन कमलजीत सिंह और हरमिंदर सिंह चावला भी मौजूद रहे। शुक्रवार को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में आयोजित एलआईटी की मूल्य निर्धारण समिति की बैठक में सांसद अरोड़ा ने रानी झांसी रोड पर स्थित वर्षों से बंद पड़े व्यावसायिक परिसर को किराए पर देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि 2007 में लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से बने इस भवन को हिस्सों में किराए पर देकर उपयोग में लाया जा सकता है। साथ ही इसकी खराब स्थिति को देखते हुए पहले इसका जीर्णोद्धार आवश्यक बताया। अरोड़ा ने यह भी सुझाव दिया कि एलआईटी को ऐसी संपत्तियों की कीमतें नहीं बढ़ानी चाहिए जो दो बार की नीलामी के बाद भी नहीं बिक सकीं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *