राज्यपाल ने सीएम से की यूनिटी मॉल बनाने की मांग, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट जगह देने से मुकरा

पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के जिला प्रधान सुरिंदर दुग्गल ने कहा कि रणजीत एवेन्यू की अमृत पार्क से सटी 10 एकड़ की इस जगह के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस माल के लिए टेंडर भी जारी कर दिए थे। उन्होंने बताया कि अब इस परियोजना को किसी अन्य जगह निर्मित करने के लिए कह दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारों ने बजट में 160 करोड़ रुपए की लागत को भी हरी झंडी दे दी है, यहां चार मंजिला यूनिटी माल का निर्माण होना था, लेकिन फिर भी 15 सालों में व्यापारियों की उक्त मांग को पूरा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि माल के तहत 22 व्यापारिक केंद्र भी स्थापित होने थे, 22 राज्यों के ट्रेड की प्रदर्शनी भी लगाई जानी थी, फूड कोर्ट व वित्तीय कनवेंशन हाल भी बनाया जाना था। गुरमीत लूथरा | अमृतसर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र भेजकर गुरुनगरी की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और व्यापार को प्रफुल्लित करने के लिए कन्वेंशन हॉल और व्यापारी प्रदर्शनी केंद्र (यूनिटी मॉल) बनाने का अनुरोध किया है। पत्र में जमीन उपलब्ध करवाने की बात भी कही गई है। वहीं दूसरी तरफ इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट उपयुक्त जमीन उपलब्ध न होने की बहानेबाजी बनाकर व्यापार मंडल को जगह देने से टालमटोल की नीति अपना रहा है। राज्यपाल ने 22 अप्रैल को भेजे पत्र (नंबर पीएस.ओएसडी.एचजी 57) में लिखा है कि 7 अप्रैल 2025 को उनके अमृतसर दौरे के दौरान पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के प्रधान प्यारे लाल सेठ के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने उनसे मुलाकात कर यूनिटी मॉल बनाने की मांग की थी। राज्यपाल ने इसे पंजाब की अर्थव्यवस्था और पर्यटन के लिए लाभदायक बताया है। हालांकि, स्थानीय इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट इस पर गंभीर नहीं दिख रहा। ट्रस्ट के चेयरमैन कर्मजीत सिंह रिंटू ने व्यापार मंडल को अमृत पार्क, रणजीत एवेन्यू से सटी 10 एकड़ जमीन देने से यह कहकर मना कर दिया कि यह जगह यूनिटी मॉल के लिए उपयुक्त नहीं है। अखिल भारतीय व्यापार मंडल के प्रमुख एवं प्रसिद्ध उद्योगपति रंजन अग्रवाल ने कहा है कि रणजीत एवेन्यू जगह देने से इंकार करने के चलते कारोबारियों में काफी रोष पाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूनिटी मॉल न बनने से गुरुनगरी नहीं बल्कि प्रदेश की विकास की गति थम जाएगी। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल द्वारा जल्द ही सरकार को फिर से पत्र भेजकर रणजीत एवेन्यू वाली जगह अथवा अन्य कोई फ्री जमीन जल्द से जल्द कारोबारियों को देने की मांग की जाएगी। उन्होने कहा कि सरकार व ट्रस्ट सोची समझी साजिश के तहत इस जमीन को रद्द कर यूनिटी मॉल के निर्माण में रुकावट डाल रहा है। कारोबारी इसे कतई बर्दाशत नहीं करेंगे। यूनिटी मॉल बनाने के लिए कारोबारियों का संघर्ष यूं ही जारी रहेगा। व्यापार मंडल के प्रधान प्यारे लाल सेठ व महासचिव समीर जैन ने बताया कि पीएम एकता यूनिटी माल्स स्कीम के तहत न सिर्फ केंद्र सरकार 50-50 शेयरिंग के तहत मॉल के निर्माण को हरी झंडी दे चुकी है बल्कि साल 2023-24 के वित्तीय बजट में 80 करोड़ रुपए भी ऐलोकेट किया जा चुका है। यहीं नहीं आप सरकार भी वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट के तहत अपने हिस्से का 80 करोड़ रुपए पास कर चुकी है। हैरानीजनक है कि इसके बावजूद प्रदेश के व्यापार को प्रफ्फूलित करने वाले इस परियोजना के लिए ट्रस्ट द्वारा जमीन देने से ही टालमटोल किया जा रहा है। बकौल सेठ व जैन पिछले 15 साल से यूनिटी मॉल बनाने के लिए सरकारों के चक्कर काटकर थक चुके हैं । न अकाली सरकार, न पूर्व कांग्रेस सरकार इस प्रति संजीदा रही थी। अब आप सरकार भी इसे लेकर संजीदा नहीं है। कांग्रेस सरकार ने पहले पुरानी जेल वाली जगह माल के लिए पारित की थी लेकिन कांग्रेस सरकार ने भी बहानेबाजी करते हुए यह जगह उपलब्ध नहीं करवाई थी, अब यही टालमटोल की नीति उक्त सरकार व प्रशासन द्वारा अपनाई जा रही है। रणजीत एवेन्यू वाली जमीन देने से भी इंकार कर दिया गया है। पिछले 15 साल से यह टालमटोल की नीति यूं ही जारी है।

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