चंडीगढ़ में निगम मेयर चुनाव का बदलेगा पैटर्न:पार्षद हाथ खड़ा करके देंगे वोट; 2024 में पास प्रस्ताव प्रशासक को जाएगा

चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर चुनाव को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। साल 2026 से मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव गुप्त मतदान (सीक्रेट बैलेट) से नहीं, बल्कि पार्षदों द्वारा हाथ खड़े करके किए जाएंगे। इस ऐतिहासिक बदलाव के लिए प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे अगले कुछ दिनों में चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। प्रशासक की मंजूरी के बाद इस प्रस्ताव पर जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी। फिर अंतिम अधिसूचना जारी कर इसे पंजाब नगर निगम अधिनियम में संशोधन के रूप में शामिल किया जाएगा। 2024 में मचा था बवाल साल 2024 के मेयर चुनाव में प्रिसाइडिंग ऑफिसर अनिल मसीह पर आम आदमी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार कुलदीप कुमार के पक्ष में पड़े आठ गुप्त वोटों को जानबूझकर रद्द करने का आरोप लगा था। यह पूरा मामला कैमरे में रिकॉर्ड हो गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इसे जानबूझकर की गई वोट टेम्परिंग करार देते हुए कुलदीप कुमार को विजेता घोषित कर दिया था। इसके बाद पूरे देश में भाजपा की किरकिरी हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रस्ताव तैयार किया है। डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव ने बताया कि प्रस्ताव तैयार हो चुका है और जल्द प्रशासक को भेजा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा केस इस घटनाक्रम के बाद नगर निगम के सदन में अक्तूबर 2024 में पूर्व मेयर कुलदीप कुमार के कार्यकाल के दौरान हाथ खड़े कर चुनाव कराने का प्रस्ताव पास किया गया था। इस प्रस्ताव को चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी का भी समर्थन मिला था। जनवरी 2025 में कुलदीप कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में सीक्रेट बैलेट को खत्म करने की मांग वाली याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह फैसला प्रशासन को लेना होगा। बदलाव से क्रॉस वोटिंग रुकेगी हाथ उठाकर मतदान प्रणाली लागू होने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि क्रॉस वोटिंग पर लगाम लगेगी। पार्षद यदि पार्टी लाइन के खिलाफ वोट डालते हैं तो उनकी पहचान खुले तौर पर हो जाएगी और उस पर पार्टी कार्रवाई कर सकेगी। अब तक गुप्त मतदान के चलते कई बार पार्टी विरोधी वोटिंग के बावजूद किसी पार्षद पर कार्रवाई नहीं हो पाई। नई व्यवस्था में मेयर चुनाव भी नगर निगम हाउस की आम बैठकों की तरह खुले तौर पर हाथ उठाकर होंगे, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी। 29 साल बाद बदलेगा मतदान का तरीका निगम के सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी ने कहा चुनाव हाथ उठाकर ही होने चाहिए इससे क्रॉस वोटिंग नहीं होगी। नगर निगम चंडीगढ़ की स्थापना 1996 में हुई थी और तब से लेकर अब तक मेयर सहित तीनों पदों के चुनाव हमेशा गुप्त मतदान के जरिए होते रहे हैं। लेकिन अब 29 साल बाद 2026 से इस प्रक्रिया को पूरी तरह बदलने की तैयारी है।

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