बालोद जिले में रेत माफिया सक्रिय हैं। पोड़, मर्रामखेड़ा, भैंसमुंडी और गोडपाल में अवैध रेत खदानों का संचालन किया जा रहा है। प्रशासन लीज की प्रक्रिया में देरी कर रहा है। जिससे अवैध परिवहन के मामले में बढ़ गए है। धमतरी और दुर्ग-भिलाई के माफिया भी बालोद में रेत खदानों का संचालन कर रहे हैं। सांसद भोजराज नाग ने इस मामले को संज्ञान लेते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया है। खनिज विभाग ने भी जांच का वादा किया है। स्थानीय सरपंच को जानकारी तक नहीं स्थानीय सरपंच नरसी साहू के मुताबिक, उन्हें अपने पंचायत क्षेत्र में होने वाले खदान संचालन की जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि नेताओं की मनमानी चलती है। वर्तमान में धमतरी के कुछ लोग पोड़ क्षेत्र में रेत खदानों का संचालन कर रहे हैं। यह क्षेत्र बालोद या कांकेर की सीमा में आता है, इसका निर्धारण विभागीय जांच के बाद ही हो पाएगा। सरपंच ने कहा कि खनिज विभाग अवैध खनन में केवल वाहन संचालकों पर कार्रवाई करता है। इससे हाईवे परिवहन संघ के वाहन चालक अवैध खदानों में जाने से बच रहे हैं। कई मामलों में सील की गई मशीनों को तोड़कर फिर से खनन किया जा रहा है। क्या कहा खनिज विभाग ने खनिज विभाग के जिला अधिकारी मीनाक्षी साहू ने बताया कि पोड़ में खदान संचालित नहीं है। कांकेर का तासी खदान है, वही जब हमने दोनों जिले की सीमाओं के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि यह तो राजस्व विभाग ही बता पाएगा सरपंच को सूचना दी गई है, यहां केवल रास्ता उन्हें रेत निकालने के लिए दिया जा रहा है। 2 गाड़ी सील वहीं अन्य खदानों की बात है तो उसको हम दिखा रहे हैं यदि अवैध खदान संचालित किया जाता है तो इस पर कार्रवाई जरूर की जाएगी उन्होंने कहा कि पहले से ही पोड़ में दो गाड़ियों को सील किया गया है। जांच के बाद होगी कार्रवाई सांसद भोजराज नाग ने कहा कि समय-समय पर कार्रवाई होते रहती है। अभी जो जानकारी सामने आई है। इस पर भी जांच के बाद कार्रवाई करेंगे।


