छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में सुशासन तिहार-2025 के तहत जनता की समस्याओं के समाधान की पहल को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने शनिवार को कलेक्टोरेट में पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। जिले में कुल 1 लाख 27 हजार 659 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 1 लाख 24 हजार 202 मांग संबंधी और 3 हजार 357 शिकायतें शामिल हैं। अब तक 84 हजार 129 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। सुशासन तिहार का आयोजन तीन चरणों में हो रहा है। पहला चरण 8 से 11 अप्रैल तक चला। इस दौरान समाधान पेटी, शिविर और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन लिए गए। जिला और विकासखंड मुख्यालयों के साथ हाट बाजारों में भी समाधान पेटी रखी गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप चल रहे इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान है। साथ ही शासकीय योजनाओं की समीक्षा, विकास कार्यों में तेजी और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। दूसरे चरण में प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जा रहा है। इन्हें संबंधित विभाग, जनपद और नगरीय निकाय के अधिकारियों को भेजा जा रहा है। मांग संबंधी आवेदनों का निराकरण बजट की उपलब्धता के आधार पर किया जा रहा है। 5 मई से शुरू होगा सुशासन तिहार का तीसरा चरण छत्तीसगढ़ में “सुशासन तिहार” के तीसरे और अंतिम चरण की शुरुआत 5 मई से होने जा रही है, जो 30 मई तक चलेगा। इस चरण के तहत जिले भर में 68 समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों को शामिल किया गया है। ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों में लगेंगे शिविर प्रत्येक शिविर में 8 से 15 ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाएगा, वहीं नगरीय निकायों में भी शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में न केवल पुराने आवेदनों की स्थिति की जानकारी दी जाएगी, बल्कि नए आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे। जिन मामलों का निराकरण मौके पर संभव होगा, उन्हें वहीं हल किया जाएगा। योजनाओं की जानकारी और आवेदन पत्र भी उपलब्ध होंगे विभागीय अधिकारी समाधान शिविरों में सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे और योजनाओं के आवेदन पत्र एवं आवश्यक प्रपत्र भी नागरिकों को उपलब्ध कराएंगे। इन शिविरों में विकासखंड एवं अनुभाग स्तर के सभी अधिकारी तथा जिला स्तर के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी रहेंगे शामिल कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने बताया कि सुशासन तिहार के इस चरण में मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी कई शिविरों में स्वयं शामिल होकर आम जनता से सीधा संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री न केवल योजनाओं का औचक निरीक्षण करेंगे, बल्कि लोगों से जमीनी फीडबैक भी लेंगे। मुख्यमंत्री अपने प्रवास के दौरान जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे, जिसमें शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति, योजनाओं की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।


