अजमेर अग्निकांड-3 मंजिल की मंजूरी थी, 5 खड़ी कर दी:बिजली पैनल में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, सामने आया मौतों का जिम्मेदार कौन?

1 मई गुरुवार के दिन अजमेर के एक पांच मंजिला होटल में लगी आग में उसमें ठहरे चार लोगों की मौत हो गई। वहीं चार बुरी तरह झुलस गए थे। होटल में ठहरे लोग अपनी जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूद गए थे। झुलसे बच्चों को पुलिस सहित राहगीर अपनी गोद में लेकर भागे थे। प्रशासन ने साफ तौर पर इस भयानक अग्निकांड के लिए होटल मालिक को जिम्मेदार ठहराया है। होटल मालिक ने नियमों के खिलाफ जाकर इसका निर्माण किया था। नगर निगम की तरफ से दो मंजिला बिल्डिंग के निर्माण की मंजूरी थी। इसके बाद भी तंग गली में 5 मंजिला होटल बनाया। जिसमें आग लगने पर बचाव के साधन भी नहीं थे। जांच कमेटी की अध्यक्ष उपखंड अधिकारी पदमा देवी ने कलेक्टर लोकबंधु को सौंपी अपनी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है। जांच कमेटी में सीओ साउथ ओमप्रकाश, नगर निगम उपायुक्त कीर्ति कुमावत, मुख्य अग्निशमन अधिकारी जगदीश प्रसाद फुलवारी शामिल हैं। मामले की जांच में क्या सामने आया पढ़िए.. तीन मंजिल बनाने की मंजूरी दी थी, 5 मंजिल तान दी
ये होटल अजमेर के सुखाड़िया नगर में रहने वाले ईश्वर त्रिलोकानी के नाम से पंजीकृत है। अजमेर के रामगंज के ही रहने वाले राजेंद्र कुमार ने इसकी लीज ले रखी है। नगर निगम ने नवंबर 2024 में इस जमीन के लिए व्यावसायिक नक्शा पास करके ग्राउंड फ्लोर समेत तीन मंजिल निर्माण करने की मंजूरी दी थी। नक्शा पास कराते समय राजेंद्र कुमार ने मौजूदा निर्माण तोड़कर 3 मंजिल बनाने को कहा था, लेकिन उसने निर्माण ध्वस्त नहीं किया और ग्रांउड फ्लोर समेत 5 मंजिल भवन बना दिया। जमीन को 23 अगस्त 2022 चंद्रा पेशवानी ने ईश्वर त्रिलोकानी(होटल मालिक) और उनकी पत्नी सुन्दरी त्रिलोकानी को बेच दी थी। फायर एनओसी नहीं, पहले नोटिस जारी
जांच के मुताबिक होटल को अग्निशमन यंत्र लगाने के लिए नगर निगम की अग्निशमन शाखा की ओर से नोटिस जारी किया गया था। होटल को किसी प्रकार का फायर अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) जारी नहीं किया गया था। भवन मालिक की ओर से NBC (NATIONAL BUILDING CODE IV TH) की गाइड लाइन की पालना नहीं की गई। होटल में ग्राउंड फ्लोर पर स्वागत काउंटर बना हुआ था। पहली से पांचवीं मंजिल तक 17 कमरे बने हुए हैं। घटना के समय 10 कमरों में लोग ठहरे हुए थे। बिजली पैनल बोर्ड में शॉर्ट सर्किट से लगी आग
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ग्रांउड फ्लोर पर लकड़ी के बने काउंटर के पास बिजली पैनल बोर्ड लगा हुआ था। संभावना है कि बिजली पैनल बोर्ड में शॉर्ट सर्किट से आग लगी है। पैनल बोर्ड और काउंटर के पास ही ग्राउंड फ्लोर पर जाने के लिए सीढ़ियों का निर्माण किया हुआ है। फॉल सिलिंग, लकड़ी के दरवाजे और इंटीरियर काम भी लकड़ी का होने के कारण आग पहली मंजिल से ऊपरी मंजिल तक फैलती गई। अग्निशमन उपकरण नहीं थे न ही अन्य कोई इंतजाम
जांच के मुताबिक बिल्डिंग में आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त अग्निशमन उपकरण नहीं थे। न ही किसी प्रकार का सायरन और आपातकालीन द्वार (FIRE EXIT) था। बिजली सप्लाई बंद होने के कारण लिफ्ट भी अपने आप बंद हो गई थी। होटल में वेन्टीलेशन भी कम था। स्टाफ भी कम था, इस कारण कमरों में ठहरे हुए लोगों को समय पर आगाह नहीं किया जा सका। नगर निगम ने क्यों नहीं की कार्रवाई?
प्रशासन ने अपनी जांच में होटल मालिक को नियमों का पालन नहीं करने के लिए दोषी तो ठहरा दिया है, लेकिन एक सवाल यह भी उठता है कि यदि होटल मालिक ने नियमों के खिलाफ जाकर निर्माण कार्य किया था तो नगर निगम ने इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या निगम किसी हादसे का इंतजार कर रहा था या इसमें निगम के अधिकारियों की भी मिलीभगत है? —– अजमेर अग्निकांड से जड़ी ये खबरें भी पढ़ें- अजमेर होटल अग्निकांड-चौथे फ्लोर से कूदा पति:मासूम को नीचे फेंकने वाली मां बोली-किसी ने हमारी मदद नहीं की; हमें बचाया जा सकता था ‘मेरे पति की यहां किसी ने कोई मदद नहीं की, आग लगते ही होटल स्टाफ भाग गया, हम चौथी मंजिल से मदद के लिए चिल्लाते रहे, कोई आगे नहीं आया। अब मेरे तीनों बच्चे यतीम(अनाथ) हो गए, कौन हमें देखेगा?…(CLICK कर पढ़ें) अजमेर के होटल में आग, 4 लोगों की मौत:मरने वाले 3 एक ही परिवार के; मां ने मासूम को खिड़की से फेंका, पूरी बिल्डिंग जली अजमेर के होटल में लगी आग में गुजरात के दंपती और उनके डेढ़ साल के बेटे समेत 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग झुलसे हैं। इनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। महज 30 मिनट में आग ने पूरे होटल को चपेट में ले लिया था…(CLICK कर पढ़ें)

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