शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी बढ़ाने का दावा किया जा रहा है। दर्जनों नई सड़कें और फ्लाईओवर की योजना बनाई जा रही है। लेकिन वर्षों पुरानी योजनाओं पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है रांची से राहे-हाहे रोड। इस रोड में घाटी के ऊपर स्थित गूंगा नाला पर हाईलेवल ब्रिज का निर्माण होना है। पिछले साल अक्टूबर में ब्रिज निर्माण कार्य का शिलान्यास भी हो गया, लेकिन अभी तक निर्माण शुरू नहीं हुआ। पुल बनाने के लिए करीब 120 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी मिली हुई है। इस रोड में गूंगा नाला से पहले तक सड़क बनाकर छोड़ दिया गया है। यहां एक डिवाइडर बनाकर बोर्ड लगाया गया है कि आगे रास्ता बंद है, असुविधा के लिए खेद है। ब्रिज का काम शुरू नहीं होने से चार पंचायतों की करीब 30 हजार की आबादी को 15 किमी. अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। अनगड़ा के बोंगईबेड़ा, पईका, कोताटोली और अंबा झरिया समेत 12 गांवों के लोगों को प्रखंड मुख्यालय आने में परेशानी होती है। इस रूट पर गंगाघाट रेलवे स्टेशन भी स्थित है। रेलवे स्टेशन आने-जाने के लिए भी ग्रामीणों को करीब 18 किमी. अधिक चलना पड़ता है। ब्रिज बनने से 22 किमी कम हो जाएगी बुंडू- सिल्ली की दूरी
गूंगा नाला पर पुल बनने से रांची-पुरुलिया रोड से बुंडू-सिल्ली की दूरी करीब 22 किमी तक कम हो जाएगी। पुल बनने से ग्रामीण एनएच 33 से सीधे जुड़ जाएंगे। ब्रिज बनने के बाद घने जंगल से घिरे इस क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी। झारखंड राज्य राजमार्ग प्राधिकार को ब्रिज निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं किया गया है।


