भास्कर न्यूज | अमृतसर पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जहां देशभर में सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं, वहीं अमृतसर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा भगवान भरोसे ही चल रही है। यहां पर जीआरपी और आरपीएफ के कर्मचारी न के बराबर ही तैनात हैं। इतना ही नहीं रेलवे स्टेशन गोल्डन टेंपल मॉडल के पास लगी लगेज स्कैनर मशीन पिछले कई महीनों से बंद पड़ी है। इसके साथ ही लगा मेटल डिटेक्टर की हालत भी खस्ता है और उसे रस्सियों से बांध कर खड़ा किया हुआ है। वहीं गोलबाग साइड पर लगाई गई लगेज स्कैनर मशीन को यहां से हटाकर कहीं ओर भेज दिया गया है, जिस कारण यात्रियों के बैग की तलाशी नहीं ली जा रही है। आरपीएफ के कंपनी कमांडर अमरिंदर सिंह का कहना है कि लगेज स्कैनर मशीन बीच-बीच में बंद हो जाती है। इस संबंधी उच्चाधिकारियों को लिखकर भेजा गया है। साथ ही मेटल डिटेक्टर के बारे भी लिखा गया है। उम्मीद है कि जल्द हीउच्चाधिकारियों की तरफ से दोनों ही ठीक करवा दिए जाएंगे। मेन गेट पर लगी लगेज बैग स्कैनर मशीनबंद पड़ी। रेलवे स्टेशन का मेन रास्ता जहां कोई कर्मचारी नहीं । दैनिक भास्कर की टीम ने वीरवार को रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तो जीआरपी और आरपीएफ के सुरक्षा के दावों की पोल साफ खुलती हुई दिखी। साफ तौर पर कहा जाए तो रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्री किसी भी तरह से सुरक्षित नहीं है। बता दें िक रेलवे स्टेशन पर रोजाना ही 30 से 35 हजार के करीब यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। रोजाना करीब 85 अप डाऊन ट्रेनें यहां से चलती हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा न होना जीआरपी और आरपीएफ की कारगुजारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां यह भी बताना जरुरी है कि जीआरपी और आरपीएफ पंजाब पुलिस के साथ मिलकर कई बार रेलवे स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाती नजर आती है, लेकिन वह सिर्फ फोटो खिंचवाने तक ही सीमित होकर रह जाता है।


