ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले में आरटीओ के गिरफ्तारी वारंट:विजिलेंस ने 13 मई तक जारी करवाए; जमानत याचिका हो चुकी है खारिज

पंजाब में हुए ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले में नामजद किए मोहाली के आरटीओ प्रदीप कुमार ढिल्लों के मोहाली जिला अदालत ने एक बार फिर गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। यह वारंट 13 मई तक जारी किए गए हैं। इससे पहले एक मई तक के वारंट थे। वहीं, प्रदीप कुमार केस में नामजद किए जाने के बाद से ही फरार चल रहा है। उसकी तरफ से मोहाली जिला अदालत में अग्रिम जमानत के लिए दायर की गई याचिका खारिज हो चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि अब वह हाईकोर्ट में शरण लेंगे। विजिलेंस चीफ समेत तीन अधिकारी किए थे सस्पेंड
इस मामले को लेकर पंजाब सरकार भी गंभीर है। आरोपियों पर तुरंत कार्रवाई न किए जाने के बाद सरकार ने 24 अप्रैल को विजिलेंस ब्यूरो के चीफ एसपीएस परमार समेत तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था। इन अधिकारियों में एआईजी स्वर्णदीप सिंह और जालंधर विजिलेंस ब्यूरो रेंज के एसएसपी हरप्रीत सिंह शामिल हैं। वहीं, अब विजिलेंस ब्यूरो की कमान एडीजीपी प्रवीन कुमार को सौंपी गई है। चेकिंग के बाद 16 FIR, 24 अरेस्ट किए 7 अप्रैल को रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) के दफ्तरों और ड्राइविंग टेस्ट केंद्रों पर छापेमारी की गई। इस दौरान रिश्वतखोरी और अन्य खामियों में शामिल 24 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान कुल 16 FIR दर्ज की गईं और अधिकारियों ने एजेंटों से 40 हजार 900 रुपए कैश बरामद किए। सरकार ने दावा किया है कि यह राशि ड्राइविंग लाइसेंस, टेस्ट और अन्य सेवाएं दिलवाने के एवज में वसूल की जाती थी। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने दर्ज एफआईआर नंबर 8 में नामजद कर लिया था। यह एफआईआर 7ए, पीसी एक्ट 61 2 बीएनएस एक्ट के तहत दर्ज है। इस दौरान मोहाली में एक प्रावइेट एजेंट को दबोचा था। उसके बाद केस आगे बढ़ा था।

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