श्री दत्त जयंती के उपलक्ष्य में बांगर में भंडारे का आयोजन रविवार को हुआ। दूर-दूर से हजारों भक्त महा प्रसादी ग्रहण करने पहुंचे। सुबह 10.30 बजे भगवान दत्तात्रेय की आरती के बाद महा प्रसादी भंडारे का आयोजन शुरू हुआ जो देर शाम तक चलता रहा। भंडारे में देवास, इंदौर, उज्जैन और अन्य गांव के 300 से अधिक दत्त सेवा मंडल के सेवकों ने व्यवस्था संभाली। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक श्री दत्त भगवान का आशीष प्राप्त कर महाप्रसाद ग्रहण की। 6 बीघा से अधिक भूमि पर श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की गई। पार्किंग और आवागमन के लिए सभी व्यवस्था की गईं। श्रद्धालु कतार में लगकर भगवान दत्तात्रेय की जय बोल कर दिगंबरा दिगंबरा के जयघोष के साथ दर्शन कर प्रसादी को ग्रहण कर रहे थे। दत्त मंदिर पीठाधीश्वर श्रीपाद अवधूत स्वामी ने बताया कि भंडारे की तैयारी दो दिन पूर्व से ही प्रारंभ हो चुकी थी। 1975 से लगातार भंडारे का आयोजन हो रहा है। कोरोना के दो वर्ष थे उस दौरान भंडारा सीमित रूप से हुआ था।


