सेवा भारती ने में रविवार को शहर की पिछड़ी बस्तियों में महिला एवं किशोरियों के लिए भजन प्रतियोगिता का आयोजन किया। संगठन के जिला अध्यक्ष डॉ. रामवीर सिंह रघुवंशी ने बताया कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी को प्रेरित करना है, ताकि वे फिल्मी और अनैतिक गानों की जगह धार्मिक भजनों की ओर आकर्षित हों। डॉ. रघुवंशी ने कहा कि सेवा भारती विभिन्न पिछड़ी बस्तियों में इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रही है। इनके जरिए न केवल महिलाओं और किशोरियों को अपनी संस्कृति से जुड़ने का मौका मिलता है, बल्कि बस्तियों में रहने वाले लोगों के बीच सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिकता का प्रसार भी होता है। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से हमारे समाज की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सेवा भारती के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल समाज के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगी। भजन प्रतियोगिता में बस्ती की महिलाओं और किशोरियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विभिन्न भजनों की प्रस्तुति से पूरे माहौल में भक्ति और श्रद्धा का भाव जागृत हो गया। प्रतिभागियों ने भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और मां दुर्गा से संबंधित भजनों की मधुर प्रस्तुतियां दीं। क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल हमारी संस्कृति को संरक्षित करने में सहायक होते हैं, बल्कि समाज को एकता और प्रेम के सूत्र में बांधने का भी कार्य करते हैं। कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान सेवा भारती के सदस्यों ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल एक शुरुआत है। भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों को निरंतर जारी रखा जाएगा, ताकि समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का विस्तार हो। सेवा भारती के इस आयोजन ने न केवल बस्ती के वातावरण को भक्तिमय बना दिया, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश भी दिया। यह पहल आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति और धर्म से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी।


