पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रविवार को राजगढ़ में कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा को नफरत फैलाने वाली पार्टी कहा और केंद्र सरकार से अडानी मामले में संसद में चर्चा कराने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने धर्म और राजनीति पर भी तीखा बयान दिया। धर्म और राजनीतिक को अलग रखने की बात कही दिग्विजय सिंह ने धर्म को राजनीति से अलग रखने की बात करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य धर्म को राजनीति में इस्तेमाल करना नहीं है। हम धर्म का पालन करते हैं, लेकिन हमारा मानना है कि धर्म जोड़ता है और राजनीतिक धर्म को तोड़ती है। आरएसएस और भाजपा के लोग हमारे दुश्मन नहीं हैं, हम सिर्फ अपनी विचारधारा की लड़ाई लड़ते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैं पूरे देश के भारतीय जनता पार्टी नेताओं को चुनौती देता हूं, अगर दिग्विजय सिंह अधार्मिक है, तो धर्म क्या है मुझे समझाओ? मेरी धार्मिकता सबके साथ समान व्यवहार और धर्मों को साथ मिलकर मेरी धार्मिकता है। सिंह ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा, हमने राघोगढ़ के मंदिरों में 1941 में दलितों को प्रवेश दिया था। मुझ पर दुनिया भर का लांछन लगते हैं, उसकी परवाह भी मैं नहीं करता हूं, क्या-क्या नहीं कहा मेरे खिलाफ, दिग्विजय सिंह मुसलमान है, ईसाइ है, ऐसा है, वैसा है। मैं उसका जवाब एक बात से कहता हूं, मैं सनातन धर्म का पालन करने वाला व्यक्ति हूं। अडानी और भ्रष्टाचार पर गंभीर आरोप लगाए दिग्विजय सिंह ने अडानी समूह पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि अडानी पर जो अमेरिका में करोड़ों का भ्रष्टाचार करने का केस हुआ है। यहां पर रिश्वत, अडानी जी की कंपनियों के माध्यम से अनेक अधिकारियों को पैसा बटा है। यह उन पर केस रजिस्टर्ड हो चुका है। इसकी उनको सूचना भी दे दी गई है, यह जानकारी संसद में चर्चा के लायक है। चर्चा होना चाहिए भई, हजारों करोड़ की रिश्वत जब गई है, तो किसके पास गई? किसने दिलवाई? शिवराज सिंह की ईडी से जांच कराने की बात उन्होंने कहा कि साधारण सिपाही के पास करोड़ों रुपए, आधा क्विंटल सोना, डेढ़ क्विंटल चांदी मिली। अब अगर सिपाही के पास इतना है, तो डीजी के पास कितना होगा? और डीजी के पास इतना है, तो गृहमंत्री और परिवहन मंत्री के पास कितना होगा? और अगर इतना है तो मुख्यमंत्री के पास कितना होगा। 10 साल तो मैं भी मुख्यमंत्री रहा। जांच कर लो मेरी और मैं तो कहता हूं शिवराज सिंह चौहान जी आपकी जांच भी करवाना चाहिए ईडी से। बीजेपी पर तीखा हमला दिग्विजय सिंह ने बीजेपी के बारे में कहा कि आज स्वामी विवेकानंद जी की फोटो तो भाजपा लगा देती है, लेकिन उनके विचारों के माफिक नहीं चलती है। भाजपा नफरत की सौदागर है और इन्होंने पूरे देश के बच्चों-बच्चों में नफरत का जहर बो दिया है। प्रधानमंत्री मोदी पर बोला हमला प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिग्विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि मोहन भागवत जी ने एक बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि आज पूरे देश में नेता मस्जिदों को खोद कर मंदिर ढूंढ रहे हैं, उससे कोई नेता नहीं बनता। जब उन्होंने यह बात कही है तो सही कही है। अब मोदी जी भी कह रहे हैं, हमें भी विश्व गुरु बनना है, विश्व बंधु बनना है। अगर विश्व बंधु और विश्व गुरु बना है, तो सभी धर्म का सम्मान करना सीखो। सभी धर्म के लोगों के साथ समान व्यवहार करो। केसरिया झंडा को लेकर उठाए सवाल दिग्विजय सिंह ने राजगढ़ में भारत माता प्रतिमा के पास से तिरंगा हटाकर केसरिया झंडा लगाने के मुद्दे पर भी प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि 24 तारीख तक तिरंगा झंडा वहां लगाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो हम तिरंगा झंडा लेकर वहां जाएंगे और केसरिया झंडा हटा का तिरंगा झंडा लगा देंगे। दिग्विजय सिंह की इस चेतावनी के कुछ घंटे बाद राजगढ़ के खिलचीपुर नाके पर केसरिया झंडा हटाकर तिरंगा झंडा लगा दिया गया है।


