वन विभाग ने ढाई सौ युवाओं की बदली तकदीर:ट्रेनिंग देकर करवाया प्लेसमेंट; 2022 में शुरू की थी पहल

बैतूल के दक्षिण वन मंडल में दो साल पहले शुरू हुए कौशल विकास कार्यक्रम ने वन गावों में रहने वाले युवाओं की तकदीर बदल दी है। यहां वन विभाग ने आदिवासी गांवों में रहने वाले 250 युवक-युवतियों को कई कंपनियों में प्लेसमेंट दिलाकर रोजगार दिलाया है। ऐसे ही 26 ट्रेनी युवा अपने नए जॉब के लिए रविवार को इंदौर के लिए रवाना हुए। 2022 से आदिवासी गांवों के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए वन अधिकारी वन मंडल में कौशल विकास कार्यक्रम चला रहे हैं। इसके तहत आज 26 युवा प्रशिक्षण के बाद इंदौर के राधा इंटरप्राइजेज लिमिटेड पीथमपुर के लिए रवाना हुए हैं। यहां उन्हें 11,800 रूपए प्रतिमाह के वेतन पर प्लेसमैंट भी मिला है। जो 3 महीने बाद 15 हजार से 18 हजार रूपए प्रतिमाह होगा। इन्हें केंद्रीय राज्यमंत्री डीडी उईके और विधायक हेमंत खंडेलवाल, योगेश पंडाग्रे के हाथों नियुक्ति पत्र और लर्निंग ड्राईविंग लाइसेंस वितरित्त किए गए है। दक्षिण वन मंडल ने 241 को दिलाई नौकरी दक्षिण बैतूल सामान्य वन मंडल अंतर्गत अभी तक कुल 371 समिति सदस्यों का स्किल डेवलपमेंट किया गया हैं। ट्रेनिंग के बाद इनमें से 241 ट्रेनी को अलग-अलग कंपनियों में प्लेसमैंट करवाया गया। जबकि अन्य 130 ट्रेनी अलग-अलग स्वरोजगार से जुड़े हुए है। सावलमेंधा से हुई थी शुरुआत डीएफओ विजयनंतम टी आर ने बताया कि 2022 में उन्होंने इस रोजगार अभियान की शुरुआत जामुलनी से की थी। इस इलाके में फैले करीब 130 एकड़ वन क्षेत्र पर अतिक्रमण था। जिसे हटाने वन अमले ने आदिवासी ग्रामीणों का सहयोग लिया था। गांव के युवाओं के मन में विभाग के प्रति विश्वास जगाने के लिए इस अभियान की शुरुआत में पहले 90 युवाओं को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई की ट्रेनिंग दिलवाकर उन्हें व्यवसाय से जोड़ा गया। यह पहल रंग लाई तो फिर एक-एक कर कई वन ग्रामों में इसे अभियान के तौर पर चलाया गया।

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