भास्कर न्यूज | नारायणपुर प्रखंड के पतरोडीह गांव में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान सह रुद्र महायज्ञ से गांव में भक्ति का माहौल बना हुआ है। हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में पहुंच रहे हैं। हवन, पूजन और धार्मिक कार्यक्रमों से दिन-रात भक्ति की धारा बह रही है। कथावाचिका पूज्या दीदी रत्नमणि द्विवेदी की कथा लोगों को आकर्षित कर रहा है। शनिवार तीसरे दिन की कथा में उन्होंने कहा कि जीवन का उत्थान और पतन दोनों विचारों पर निर्भर करता है। जैसे विचार होंगे, वैसा ही रास्ता बनेगा। विचार शक्ति देता है, और उसे नष्ट भी कर सकता है। शुद्ध विचार से शक्ति पैदा होता है। अशुद्ध विचार से शक्ति खत्म हो जाती है। श्रेष्ठ विचारों से व्यक्ति खुद को पवित्र बना सकता है। विचार ही वह माध्यम हैं, जो अध्यात्म शून्यता से आत्म सत्यता की ओर ले जाता है। जामताड़ा| मारवाड़ी युवा मंच समृद्धि शाखा, जामताड़ा ने रविवार को वृद्ध आश्रम में 20 कलसी का योगदान किया गया। ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए आश्रमवासियों के लिए तरबूज और ककड़ी भी भेंट िकए। जिससे उन्हें राहत मिल सके। यह सेवा कार्यक्रम उमेश शास्त्री की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। मौके पर मंच की अध्यक्ष सुमन टिबरेवाल, कोषाध्यक्ष खुशबू लोहारुका, अंकिता नारनोलिया, अंकिता मोहरिया, रश्मि नारनौलिया सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे। मंच की ओर से यह पहल बुजुर्गों के सम्मान और उनके प्रति सामाजिक दायित्व निभाने के उद्देश्य से की गई। वृद्धा आश्रम के लोगों ने इस सेवा कार्य की सराहना की। भगवान भक्तों के हृदय में निवास करते हैं दीदी रत्नमणि ने कहा कि विचार दिखाई नहीं देते, लेकिन जब ये कर्म में बदलते हैं तो परिणाम साफ नजर आता है। श्रेष्ठ कर्म के लिए विचारों की शुद्धता जरूरी है। कथा में भगवान के अवतार पर भी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि जब तक धरती पर धर्म का पताका लहराता है, तब तक भगवान को अवतार लेने की आवश्यकता नहीं होती। भगवान भक्तों के हृदय में निवास करते हैं। लेकिन जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब ब्रह्म को किसी न किसी रूप में अवतार लेकर आना पड़ता है। भगवान धरती पर आकर धर्म और भक्तों की रक्षा करते हैं।


