भास्कर न्यूज| बिर्रा शिक्षा क्षेत्र में नवाचार और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए जांजगीर जिले के पांच उत्कृष्ट शिक्षकों को एफएलएन सह नवाजतन वारियर्स सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजधानी रायपुर में हुए एक समारोह में दिया गया, जिसमें शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और अतिथियों की उपस्थिति रही। सम्मानित होने वाले शिक्षकों में गुलजार बरेठ, बबीता कुर्रे, चंद्रशेखर देवांगन, चुन्नी देवांगन और पूनम राठौर शामिल हैं। इन सभी ने प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में नवाजतन पद्धति को अपनाते हुए एफएलएन लक्ष्यों की प्राप्ति में उल्लेखनीय योगदान दिया। इन शिक्षकों के नवाचारी प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल छात्रों की भाषा और गणितीय क्षमताओं में सुधार आया है, बल्कि कई छात्र वर्ल्ड चैंपियनशिप और नवोदय जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफल हुए हैं। राज्य के लगभग 1500 स्कूलों ने नवाजतन चुनौती को स्वीकार किया, जिनमें से 100 विद्यालयों ने अपनी दक्षता और समर्पण से श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। जांजगीर जिले के पांच शिक्षकों को 100 उत्कृष्ट विद्यालयों में से चयनित कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में शिक्षा विभाग के डीपीआई के अतिरिक्त संचालक शिवहरे, उपसंचालक चावरे (बेमेतरा), डीईओ कमल कपूर बंजारे (बेमेतरा), डायट प्राचार्य रायपुर सहित कई अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह में वक्ताओं ने इन शिक्षकों की मेहनत, रचनात्मकता और बच्चों के विकास के लिए उनके समर्पण की खुले दिल से सराहना की। राज्य सरकार की एफएलएन पहल को मजबूत करने के उद्देश्य से 66 नवाचारी शिक्षकों का एक राज्य स्तरीय नवाजतन समूह गठित किया गया है। यह समूह शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों को साझा करने, सुधारने और अन्य शिक्षकों को प्रेरित करने का कार्य कर रहा है। जांजगीर जिले के शिक्षक इस समूह के सक्रिय सदस्य हैं और राज्यभर में नवाजतन पद्धति को सफलतापूर्वक लागू करने में सहयोग कर रहे हैं।


