अमृतसर ब्लास्टिक फार्मा केस में नया मोड़:आरोपी ने रखा अपना पक्ष, बोले- हम ड्रग पेडलर नहीं; ड्रग इंस्पेक्टर पर लगाए आरोप

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा नशे की दवाइयां अवैध रूप से बेचने के मामले में दर्ज केस ने एक नया मोड़ ले लिया है। ब्लास्टिक फार्मा के साझेदारों और दो निजी अस्पतालों के डॉक्टरों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामले में जहां जांच तेजी से चल रही है। वहीं अब इस केस में एक आरोपी पक्ष दीपक भंडारी सामने आए हैं और उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव होकर खुद को और अपने परिवार को निर्दोष बताया है। ब्लास्टिक फार्मा से जुड़े और एक वेब चैनल चलाने वाले दीपक भंडारी ने इस केस में चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया पर लाइव होकर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा: “मैं और मेरा परिवार ड्रग पेडलर नहीं हैं। हम एक व्यवसायी परिवार हैं और क़ानून का सम्मान करते हैं। दो अस्पतालों के डॉक्टरों पर भी केस दर्ज है, लेकिन वो भी कोई नशा बेचने वाले नहीं हैं।” दीपक ने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक कानूनी मामला है और उनकी लीगल टीम इस केस की पैरवी कर रही है। वहीं इसमें उन्होंने एक ड्रग इंस्पेक्टर पर भी उन्हें फंसाने के आरोप लगाए हैं। जानें क्या था मामला एनसीबी की कार्रवाई के तहत ब्लास्टिक फार्मा पर नशीली दवाइयों की अवैध सप्लाई का आरोप है। एजेंसी ने बीते हफ्ते कंपनी के पार्टनर अमित भंडारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। जांच के दायरे में दो अस्पतालों के डॉक्टर भी आए हैं, जिन पर संवेदनशील दवाइयों के गलत उपयोग और सप्लाई का आरोप है। जांच जारी, एजेंसियां सख्त एनसीबी सूत्रों के मुताबिक, कंपनी द्वारा ऑनलाइन और फिजिकल सप्लाई चैनलों के जरिए प्रतिबंधित दवाइयों की डीलिंग की जांच हो रही है। बरामद दवाओं की कंट्रोल लिस्ट में शामिल होने के चलते इस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मामला उस वक्त और गंभीर हो गया था जब एनसीबी ने छापा मारकर ब्लास्टिक फार्मा से बड़ी मात्रा में सेंसिटिव और नशे की दवाएं बरामद की थीं। इसके बाद ही कंपनी और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।

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