मुंगेली जिले के विकासखंड पथरिया के ग्राम दौना में सुशासन तिहार के तृतीय चरण की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, कलेक्टर कुन्दन कुमार और पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने आवेदनों के निराकरण की जानकारी ली और अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए। इनमें पुलिस, कौशल विभाग, रोजगार, शिक्षा, खाद्य, श्रम, उद्योग, पंचायत, जल संसाधन, कृषि, पशुपालन, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग शामिल थे। चिरायु योजना से लाभान्वित बच्चों का सम्मान स्वास्थ्य विभाग की चिरायु योजना से लाभान्वित दो बच्चों – 10 वर्षीय राधिका भास्कर और 8 वर्षीय अमन भास्कर का सम्मान किया गया। महिला बाल विकास विभाग ने दो बच्चों का अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं का गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया। उन्हें सुपोषण टोकरी भी प्रदान की गई। शिविर में आधार और आयुष्मान कार्ड का पंजीकरण शिविर में आधार और आयुष्मान कार्ड का पंजीकरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने निःशुल्क जांच और दवाई वितरण की सेवाएं दीं। चंदली, झुलनाकला, परसिया, पकरिया, बदरा, सकेत, बिरकोनी, अण्डा, टिकैतपेण्ड्री, रामबोड़, धमनी और मोहदी सहित 13 गांवों के हजारों ग्रामीणों ने शिविर में भाग लिया। शिविर में तुरंत होगा समस्याओं का समाधान विधायक धरमलाल कौशिक ने अपने संबोधन में कहा, यह जिले का पहला शिविर ग्राम दौना में आयोजित किया गया है। अगर लोग अपनी समस्याओं को लेकर अलग-अलग विभागों में जाते, तो 10 दिन लगते, लेकिन यहां एक ही स्थान पर सभी विभागों के अधिकारी मौजूद हैं। उन्होंने सरकार की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जिसमें किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपए दिए जा रहे हैं, और धान खरीदी पर 3,100 प्रति क्विंटल की दर से एकमुश्त राशि देने की बात कही। विधायक ने यह भी बताया कि सरगांव से सकेत तक सड़क स्वीकृत हो चुकी है, जिसका कार्य वर्षा के बाद शुरू होगा। कौशिक ने महिलाओं से पूछा- कैसे किया महतारी वंदन की राशि का इस्तेमाल
महिलाओं से संवाद के दौरान उन्होंने पूछा कि महतारी वंदन योजना की किस्तों का इस्तेमाल कैसे किया। संतोषी डहरिया ने बताया कि उन्होंने योजना की राशि से सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अपनी बेटियों के नाम से खाता खुलवाया है। सुनीता बघेल और पुष्पलता गेंदले ने बताया कि वे इस राशि से सिलाई मशीन खरीदकर आत्मनिर्भर बनी हैं। अन्य महिलाओं ने घरेलू खर्च और चिकित्सा आवश्यकताओं में इसका उपयोग करने की जानकारी दी।


