भास्कर न्यूज | हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में ऑफिस सुपरिटेंडेंट और प्रधान लिपिक कुमुद कुमार सिन्हा के द्वारा फर्जी तरीके से अपने पुत्र कुणाल कुमार सिन्हा को बहाल करने के मामले में गठित जांच टीम ने सभी सात लोगों से सोमवार को पूछताछ किया और उनका पक्ष लिखित रूप से लिया। जांच टीम ने सभी को मेडिकल कॉलेज बुलाया था। जहां बंद कमरे में बारी-बारी से लोगों से घटनाक्रम की जानकारी ली गई। जांच गोपनीय रखा गया है। जांच के लिए मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर एस के सिंह के द्वारा चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। टीम के अध्यक्ष प्रोफेसर सह एचओडी पीएसएम डिपार्टमेंट सुभाषित सरकार ने पूछताछ के लिए और अपनी बात रखने के लिए सात लोगों को पत्र भेजकर बुलाया। जिसमें सुपरिंटेंडेंट डॉ. अनुकरण पूर्ति ,डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर ए के सिंह, ट्रॉमा सेंटर इंचार्ज डॉ अभिषेक कुमार, ऑफिस सुपरिटेंडेंट सह प्रधान लिपिक कुमुद कुमार सिन्हा, फर्जीवाड़ा में पकड़े गए ऑफिस सुपरिटेंडेंट का पुत्र कुणाल कुमार सिन्हा ,लिपिक श्रवण कुमार और नेत्र विभाग के अध्यक्ष शामिल थे।


