भास्कर न्यूज | हजारीबाग हजारीबाग जिले में आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध सभी प्राइवेट अस्पतालों ने 5 मई से इस योजना के तहत मरीज का इलाज बंद कर दिया। बंद करने का कारण जुलाई 2024 से अब तक जितने भी मरीज का इन्होंने इलाज किया उसके भुगतान का बकाया होना है। इसको लेकर इन्होंने 23 अप्रैल को संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक अल्टीमेटम भी दिया था। इस योजना से लोगों को 5 लाख तक के इलाज की सुविधा मिल रही है । जैसे ही सोमवार को सुबह अस्पतालों में नोटिस चिपकाया गया आयुष्मान भारत से जो इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचे उनके चेहरे पर मायूसी छा गई। जिन अस्पतालों ने इलाज बंद किया उनमें एचजेडबी आरोग्यम, श्रीनिवास हॉस्पिटल, अपेक्स हॉस्पिटल आदि शामिल है। डायलिसिस मरीजों की बढी मुश्किलें: हजारीबाग के प्राइवेट अस्पतालों में एचजेडबी आरोग्यम अस्पताल में 14 बेड का डायलिसिस की व्यवस्था है। यहां 71 किडनी के मरीज लगातार डायलिसिस की सुविधा लेते आ रहे हैं। आज जैसे ही डायलिसिस के लिए उस अस्पताल में लोग पहुंचे और उन्हें यह बताया गया कि आयुष्मान की सुविधा आज से बंद है उनकी आंखें छलक गई। उन्होंने कहा कि हम लोग जिस बीमारी से त्रस्त हैं। उसमें जीने के लिए डायलिसिस की आवश्यकता है और हम गरीबों के लिए यह व्यवस्था निरंतर उपलब्ध होता रहे उसके लिए आयुष्मान भारत योजना एक वरदान है। एक बार डायलिसिस में ₹1200 खर्च होते हैं कई ऐसे मरीज हैं जो सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस लेते हैं। इस प्रकार 15 से ₹20000 महीने का खर्च आता है जो आयुष्मान भारत योजना से मिल रहा था। अब हम यह पैसा कहां से लाएंगे ।बीमारी ऐसी है कि अपने हाथों हम काम भी नहीं कर सकते हैं। वहीं कई वैसे मरीज भी अस्पतालों में पहुंचे थे जो गोल ब्लैडर स्टोन, किडनी स्टोन समेत विभिन्न बीमारी से परेशान थे और यह सोचकर इलाज कराने आए थे कि आयुष्मान भारत से हम ऑपरेशन करवा लेंगे वह निराश लौटे।


