चिल्फी से रेंगाखार सड़क 12 फीट चौड़ी बनेगी वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए बनेंगे अंडरपास

भास्कर न्यूज | कवर्धा चिल्फी से रेंगाखार जंगल के बीच बेहतर आवागमन के लिए भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में 27.80 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने फिर से हरी झंडी मिल गई है। राज्य वन्यजीव संरक्षण विभाग, छत्तीसगढ़ ने निर्माण की अनुमति दे दी है। यह सड़क 12 फीट यानी 3.75 फीट चौड़ी रहेगी। खास बात ये है कि अभयारण्य क्षेत्र होने से प्रस्तावित इस सड़क के बीच अंडरपास बनेंगे। ताकि वन्यजीव सुरक्षित तरीके से आवागमन कर सके। राज्य वन्यजीव संरक्षण विभाग ने सशर्त सड़क निर्माण की अनुमति दी है। शर्त ये है कि निर्माण के दौरान वन्यप्राणियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना है। वन्यप्राणियों की आवाजाही प्रभावित न हों, इसलिए प्रस्तावित सड़क पर अंडरपास बनाए जाने हैं। निर्माण के दौरान पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाया है। कैंप नहीं लगाना है, जिससे कि वन्यप्राणियों की खतरा पहुंचे। लोक निर्माण विभाग बोड़ला के एसडीओ सचिव शर्मा ने बताया कि राज्य वन्यजीव संरक्षण विभाग से सड़क निर्माण की अनुमति मिल गई है। सोमवार को औपचारिक रूप से काम शुरू कर दिया है। जानिए, चौड़ाई नहीं बढ़ेगी, पूर्व में बनी सड़क को ही नई बनाई जा रही है चिल्फी-रेंगाखार सड़क का काम 12 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। जानकारी के मुताबिक, चिल्फी से रेंगाखार जंगल तक 27.80 किलोमीटर लंबी सड़क बनेगी। सड़क की चौड़ाई नहीं बढ़ाई जाएगी। पूर्व की तरह सड़क की चौड़ाई 12 फीट (3.75 मीटर) ही रहेगी। पूर्व में बनी सड़क का ही नवीनीकरण किया जा रहा है। अतिरिक्त चौड़ाई नहीं बढ़ाई जाएगी। इस सड़क के निर्माण की प्रक्रिया वर्ष 2018 से चल रही है। इस बीच निर्माण में कई बार पेंच फंसा। बीते 8 साल में तीन बार इस सड़क का काम शुरू होते-होते रह गया। सबसे पहले वर्ष 2018 में चिल्फी से रेंगाखार होते हुए साल्हेवारा तक 60 किमी लंबी सड़क बनाने 204.33 करोड़ रुपए मंजूर हुआ था। वन्यप्राणियों की सुरक्षा का हवाला देकर चिल्फी- रेंगाखार सड़क का काम रोकने वन्यजीव प्रेमी ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इस पर निर्माण में स्टे लग गया था, तब से अब तक तीन बार काम रुका। लोगों का कहना है कि जल्द इसका काम पूरा हो लोगों को राहत मिले। सड़क बनने के बाद 20 पंचायतों के 100 से ज्यादा गांवों के लोगों को मिलेगा लाभ इस सड़क के बन जाने से क्षेत्र के 20 ग्राम पंचायत के 100 से ज्यादा गांव लाभांवित होंगे। इनमें चिल्फी घाटी, सिंघनपुरी, सिवनी कला, बहना खोदरा, शीतल पानी, झलमला जंगल, समनापुर जंगल, बरबसपुर जंगल, रेंगाखार कला समेत अन्य गांव शामिल हैं। तहसील मुख्यालय रेंगाखार को जोड़ने वाली यह मुख्य सड़क है। इसके चलते रोजाना सैकड़ों लोग आवाजाही करते हैं। सड़क बनने से क्षेत्र के ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी। दिसंबर 2024 में वन विभाग ने रोका था काम उक्त सड़क के नवीनीकरण कार्य के लिए 15 मार्च 2024 को राज्य सरकार से 9.65 लाख रुपए मंजूर हुआ था। 10 अक्टूबर 2024 को वर्क आर्डर हो चुका था। टेंडरिंग एजेंसी ने काम भी शुरू कर दिया था। लेकिन 26 दिसंबर 2024 को फारेस्ट विभाग ने वन्यजीवों की सुरक्षा का हवाला देकर काम बंद करा दिया था। अब राज्य वन्यजीव संरक्षण विभाग की अनुमति के बाद शुरू हो रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि काम जल्द पूरा होगा।

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