अखिलेश संघ की शाखा जॉइन कर लें:कानपुर में केशव का तंज- राजनीति चमकाते हैं, राहुल गांधी विरासत से सांसद बने

‘अखिलेश और विपक्षी दल के लोगों को संघ के बयान अच्छे लगने लगे हैं, तो वे जल्द से जल्द संघ की शाखा जॉइन कर लें। अखिलेश यादव केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस तरह की बयानबाजी करते हैं। राहुल गांधी विरासत से सांसद बने हैं। विरासत की राजनीति करने वाले अहमियत नहीं समझते।’ ये बातें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को कानपुर में कहीं। केशव से मंदिर-मस्जिद के मोहन भागवत के बयान और अखिलेश यादव के समर्थन पर सवाल पूछा गया था। राहुल गांधी को घमंड है
अखिलेश यादव के मोहन भागवत के बयान का समर्थन करने किए जाने पर सवाल पर केशव ने कहा- अखिलेश यादव अपनी राजनीति चमकाने के लिए समय-समय पर संघ को निशाने पर लेते रहे हैं। संसद में गतिरोध उत्पन्न करने के मामले पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जब चुनाव होगा तो वे लोग संसद में जाने की स्थिति में नहीं रहेंगे। राहुल गांधी के संसद में भाजपा सांसद को धक्का दिए जाने के मामले पर केशव ने कहा कि राहुल गांधी को घमंड है कि उनको विरासत में सियासत मिली है। अगर संघर्ष से उनको सियासत में जगह मिली होती, तो वह इस प्रकार का आचरण नहीं करते। डिप्टी सीएम बोले- वो मुगलों के आगे झुके नहीं
केशव मौर्य ने कहा- गुरु गोविंद सिंह के सुपुत्र बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए मुगलों के सामने झुकने से इनकार कर दिया। उन्होंने इस्लाम कबूल करने से मना कर दिया। अपने धर्म के प्रति अडिग रहते हुए वीरगति को प्राप्त किया। सरकार सिख इतिहास के सही तथ्य सामने ला रही
केशव मौर्य ने कहा- वीर बाल दिवस का महत्व स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस से कम नहीं है। यह बलिदान हमारे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। कांग्रेस ने ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया था। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सही इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल कर देश के सामने पेश किया जा रहा है। यह सरकार सिख इतिहास के सही तथ्यों को सामने लाने का प्रयास कर रही है। सिखों के लिए हो रहा आयोजन
केशव प्रसाद मौर्य वीर बाल दिवस पखवाड़ा का शुभारंभ करने कानपुर पहुंचे थे। 22 से 26 दिसंबर तक वीर बाल दिवस पखवाड़ा में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा डिप्टी सीएम गुमटी गुरुद्वारा भी गए। इस दौरान मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानपुर के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध गुरुद्वारा में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी। यह बहुत सुखद रहा। पहले पढ़िए मोहन भागवत का बयान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने 19 दिसंबर को पुणे में सहजीवन व्याख्यानमाला में मंदिर-मस्जिद विवादों के फिर से उठने पर चिंता जताई थी। भागवत ने कहा था- अयोध्या के राम मंदिर के निर्माण के बाद कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि वे ऐसे मुद्दे उठाकर हिंदुओं के नेता बन जाएंगे। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। भागवत ने कहा था- भारत को यह दिखाने की जरूरत है कि हम एक साथ रह सकते हैं। हम लंबे समय से सद्भावना के साथ रह रहे हैं। अगर हम दुनिया को यह सद्भावना देना चाहते हैं, तो हमें इसका एक मॉडल बनाने की जरूरत है। अब पढ़िए अखिलेश यादव ने जो कहा
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोहन भागवत के बयान के बाद सीएम योगी को घेरा था। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को भागवत के बयान को आम आदमी तक पहुंचाने के निर्देश दिए थो। साथ आरोप लगाया था कि सीएम योगी के इशारे पर प्रशासन मंदिर खोजने में जुटा है। अखिलेश यादव ने कहा था कि कहीं कोई मंदिर नहीं मिला। उस मंदिर पर न तो किसी ने कोई कब्जा किया और न ही खंडित किया। ल्कि बहुत से ऐसे मंदिर हैं, जो पूजा-पाठ न होने से खाली पड़े हैं। देवता वहां श्रद्धालुओं का इंतजार कर रहे हैं। जब प्रदेश में राजनाथ सिंह, कल्याण सिंह और राम प्रकाश गुप्ता की सरकारें थीं, तब ये मंदिर क्यों नहीं खोजे गए? बहुत पुरानी है अखिलेश और केशव के बीच की जुबानी जंग सपा प्रमुख अखिलेश यादव और यूपी सरकार के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य दोनों ओबीसी के बड़े चेहरे हैं। लेकिन, दोनों के बीच छोटे-बड़े मुद्दों को लेकर जुबानी जंग चलती रहती है। केशव उन्हें सिर्फ यादव और मुस्लिमों का नेता साबित करने में पूरी ताकत लगाते हैं। जबकि अखिलेश केशव को भाजपा और योगी सरकार में कमजोर दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते। जानिए दोनों के बीच विवाद की शुरुआत कहां से हुई
भाजपा ने यूपी में पिछड़े वर्ग को साधने के लिए 2016 में केशव प्रसाद मौर्य को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। तब अखिलेश यादव सीएम थे। 2017 में विधानसभा चुनाव केशव मौर्य की अगुआई में ही लड़ा गया। केशव के चेहरे के दम पर भाजपा को गैर यादव छोड़कर सभी पिछड़ी जातियों का समर्थन भी मिला। भाजपा ने सपा को विधानसभा चुनाव में हरा दिया। उस दौरान केशव मौर्य मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे। हालांकि वह सीएम नहीं बन पाए और डिप्टी सीएम बनकर संतोष करना पड़ा। आरएसएस और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने योगी आदित्यनाथ को सरकार की कमान सौंपी। इस हार के बाद से ही अखिलेश के निशाने पर केशव आ गए। तब से अखिलेश लगातार केशव के जरिए यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि भाजपा में पिछड़े वर्ग के नेताओं का कोई वजूद नहीं। ———————- ये खबर भी पढ़ें संभल में कुएं की खुदाई में सुरंग मिली, पुरानी इमारत में तहखाना होने की संभावना, ASI ने कल्कि मंदिर का सर्वे किया संभल के चंदौसी में शनिवार शाम कुएं की खुदाई के दौरान सुरंग मिली है। 2 जेसीबी लगाकर प्राचीन बाबली कुएं की खुदाई शुरू की गई। इस दौरान जमीन के नीचे प्राचीन इमारत भी निकली। तहखाना होने का भी अनुमान लगाया जा रहा है। इससे पहले भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) की टीम ने सुबह कल्कि मंदिर का सर्वे किया। टीम ने गुंबद की तस्वीरें खींचीं। दीवारों पर नक्काशी के वीडियो बनाए। इसके अलावा, मंदिर परिसर में स्थित कृष्ण कूप यानी कुएं का भी सर्वे किया। वहीं शाम को चंदौसी में प्राचीन बाबली कुएं की खुदाई शुरू की गई। जिला प्रशासन ने दो जेसीबी लगाकर खुदाई की। इस दौरान जमीन के नीचे प्राचीन इमारत निकली है। सुरंग के साथ प्राचीन तहखाने होने का भी अनुमान लगाया जा रहा है। ASI टीम का संभल में यह दूसरा दिन है। शुक्रवार को टीम ने गुपचुप तरीके से 9 घंटे तक सर्वे किया था। 5 तीर्थ स्थलों और 19 कुंओं से नमूने लिए थे। पढ़ुें पूरी खबर

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *