छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के कापू में एक अनोखी शादी संपन्न हुई। जिसमें प्रेमी जोड़े ने संविधान की शपथ लेकर एक-दूसरे से शादी की। यह शादी गुरू घासीदास जयंती यानी 18 दिसबंर को हुई। जिसमें नए जोड़े को परिजनों के अलावा समाज के लोगों ने भी आशीर्वाद दिया। जिला मुख्यालय से तकरीबन किमी 115 दूर कापू के रहने वाले यमन लहरे की पहचान प्रतिमा महेश्वरी से हुई। जिसके बाद दोनों प्रेमी जोड़ों ने एक-दूसरे से शादी करने का फैसला किया। इसके बाद अपने परिजनों को जानकारी दी और गुरू घासीदास जयंती के दिन संविधान की शपथ लेकर दोनों ने शादी कर ली। इस दौरान परिवार के लोगों के साथ ही समाज के काफी लोग इस शादी के साक्षी बने। फिजूल खर्च को बचाने की अनोखी शादी
इस संबंध में यमन लहरे ने बताया कि दोनों एक-दूसरे को चाहते थे। बड़े बुजुर्गों को अपने प्यार के बारे में बताते हुए उनकी राय लेकर गुरू घासीदास मंदिर में शादी करने का फैसला किया। इसके बाद बाबा अंबेडकर को साक्षी मानकर दोनों ने शादी की है। शादी में होने वाले फिजूल खर्च को बचाने के लिए उन्होंने यह निर्णय लिया। समाज के लोगों ने दिया आशीर्वाद
युवक की पत्नी प्रतिमा महेश्वरी ने कहा संविधान को अपना मानकर हम दोनों ने शादी का विचार करते हुए हम दोनों ने शादी की है और दोनों बहुत खुश है। इस अवसर पर उन्हें परिजनों के अलावा पूरे समाज का आशीर्वाद मिल रहा है।


