कोरबा जिले में एक छोटी सी बात पर आकर 13 साल की बच्ची ने सुसाइड कर लिया। आनंद नगर की रहने वाली प्रियांशी जायसवाल ने अपनी बड़ी बहन का कपड़ा पहल लिया था इसको लेकर दोनों बहनों में विवाद हुआ और प्रियांशी ने फांसी लगा ली। मामला कुसमुंडा थाना क्षेत्र का है। प्रियांशी के पिता रमेश जायसवाल पेशे से मजदूर है। उन्होंने बताया कि प्रियांशी आठवीं कक्षा की छात्रा थी। पढ़ाई में होशियार थी, लेकिन गुस्सा भी जल्दी आ जाता था। उन्हें नहीं पता था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी। वहीं, रमेश जायसवाल ने ये भी बताया कि बेटी की मौत के बाद जब उसे अस्पताल लेकर गए तो वहां डॉक्टरों ने उन्हें खूब घुमाया। सोमवार शाम 4:50 बजे हुई मौत का मेमो पुलिस को 17 घंटे बाद मिला। मां ने समझाया था लेकिन नहीं मानी घटना के समय प्रियांशी की मां और बहनें घर पर मौजूद थीं। मां ने दोनों को समझाया और डांटा भी। इसके बाद प्रियांशी गुस्से में अपने कमरे में चली गई। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर जब देखा गया तो वह कमरे में दुपट्टे के फंदे पर लटकी मिली। मेमो मिलने के बाद की गई कार्रवाई प्रियांशी के पिता रमेश जयसवाल मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अस्पताल की लापरवाही पर चौकी प्रभारी दाऊद कुजुर ने बताया कि मेमो मिलने के बाद ही पंचनामा की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। ……………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… मोबाइल में लिखा सुसाइड नोट, फंदे पर झूला नाबालिग:कोरबा में तीन युवकों को बताया मौत का जिम्मेदार, कहा- इन्होंने जीना हराम कर दिया छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर में 17 साल के नाबालिग ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने अपने मोबाइल में एक सुसाइड नोट लिखा, इसमें तीन युवकों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। शुभम ने सुसाइड नोट में लिखा कि, ये लोग मुझे परेशान कर रहे हैं। मेरा जीना हराम कर दिए हैं। मेरा इधर-उधर जाना बंद कर दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर…


