कांग्रेस नेता बोले-सीएम नहीं, चीफ सैक्रेटरी चला रहे राजस्थान सरकार:आमजन को हॉस्पिटल में इलाज के लिए चुकाने पड़ रहे पैसे, सफाईकर्मियों की भर्ती भी रोकी

प्रदेश में भाजपा सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरी तरह फेल है। पर्ची वाली इस सरकार में आमजन परेशान हैं। एक साल में सिर्फ इन्होंने कांग्रेस की योजनाओं को बंद करने या उनका नाम बदलने के अलावा कुछ नहीं किया। यह बात रविवार को पाली के कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद ने कही। उन्होंने कहा- राज्य सरकार ने 100 दिन की कार्ययोजना पेश नहीं की। चुनावी वादे अभी तक पूरे नहीं किए। युवाओं का एक लाख नौकरियां देने का वादा था, लेकिन 1 हजार युवाओं को भी नौकरी नहीं दे सके। इस सरकार के कार्यकाल में एक साल में ही किसान, मजदूर, महिला, युवा सभी परेशान हो गए हैं। बोले- राइंजिंग इंडिया के एमओयू धरातल पर उतरना मुश्किल
उन्होंने कहा- राइजिंग इंडिया नाम पर करोड़ों रुपए के एमओयू किए, लेकिन उनका धरातल पर उतरना मुश्किल है। किसान निधि के पैसे किसानों के एकाउंट में कभी आते है ओर कभी नहीं आते हैं। गैस सिलेंडर के अनुदान की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। समीक्षा के नाम पर कांग्रेस कार्यकाल में शुरू किए गए विकास कार्य बंद कर दिए। बिजली के बढ़े हुए बिल आमजन को आहत कर रहे है। किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही। रिफाइनरी पर ध्यान दिया होता तो पूरे प्रदेश के हजारों युवाओं को रोजगार मिलता। सफाईकर्मियों की भर्ती भी इन्होंने रोक ली। पेपर लीक के मामले में जिन्हें पकड़ा, उनके खिलाफ हल्की धाराओं में मामले दर्ज किए। जिससे वे छूट गए। पीसीसी उपाध्यक्ष बोले- राजस्थान में सरकार सीएम नहीं, चीफ सेकेट्री चला रहे इस मौके पर पीसीसी उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा- ऐसा लगता है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा नहीं, बल्कि चीफ सैक्रेटरी सुधांश पंत है। क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदमी है। MLA की भीड़ मुख्यमंत्री के यहां नहीं, चीफ सैक्रेटरी पंत के यहां लगी रहती हैं। पूरी सरकार अधिकारी अपनी मनमर्जी से चला रहे हैं। MLA बोले- पत्नी के ऑपरेशन के लिए चुकाने पड़े रुपए
पाली विधायक भीमराज भाटी ने सरकार की स्वास्थ्य योजना पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय उनका ऑपरेशन निशुल्क हुआ था। और उन्हें हाल ही में अपनी पत्नी का जयपुर के निजी हॉस्पिटल में ऑपरेशन करवाया तो इसके लिए 2 लाख 55 हजार रुपए कैश जमा करवाने पड़े। सरकार की योजना के तहत पैसा नहीं मिलता, इसलिए ऑपरेशन करवाना है तो अब कैश में ही होता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *