राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेश में फरवरी तक घुमंतू और अर्ध घुमंतु जाति के लोगों के लिए पट्टा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें लगभग 30 हजार से ज्यादा लोगों को नए आवास के पट्टे दिए जाएंगे। इसको लेकर रविवार को पंचायती राज और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बताया- प्रदेश में चलाए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत कुल 3 करोड़ 57 लाख 64 हजार पौधे लगाए गए थे। इनमें से 62.50 लाख से ज्यादा पौधे अब तक खत्म हो चुके हैं। जिन्हें नए सिरे से प्रदेश भर में लगाया जाएगा। 30 हजार से ज्यादा पट्टे दिए जाएंगे पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि प्रदेशभर में विमुक्त, घुमंतू और अर्ध घुमंतु वर्ग के 1 लाख 23 हजार 757 परिवार चिन्हित किए गए थे। इनमें से 49 हजार 546 परिवारों के पास पूर्व में पट्टे हैं। जबकि 51 हजार 78 आवासहीन परिवारों को चिन्हित कर पट्टा वितरण किया जाना है। इस साल 2 अक्टूबर को सरकार ने 17 हजार 156 परिवारों को प्रदेशभर में एक साथ पट्टे वितरित किए गए थे। ऐसे में अब शेष 30 हजार से ज्यादा पात्र लोगों को सरकार द्वारा फरवरी में पट्टे वितरित किए जाएंगे। सबसे ज्यादा जीवित पौधों वाले जिले दिलावर ने बताया कि 7 अगस्त 2024 को आयोजित हरियालो राजस्थान अभियान में पंचायती राज और शिक्षा विभाग द्वारा किए गए पौधरोपण का सफलता प्रतिशत 82.49% प्रतिशत रहा है। इसमें सबसे ज्यादा जीवित पौधों वाले जिलों मे गंगानगर 99%,राजसमंद 98%, झुंझुनूं, 96%, डीडवाना 95%, नागौर 95 प्रतिशत और कोटपूतली बहरोड 94% सफलता के साथ प्रदेश में अव्वल रहे जिले है। वहीं, सबसे कम जीवित पौधे प्रतिशत वाले जिलों में करौली 44%, सलूंबर 54%, बीकानेर 62%, गंगापुर सिटी 64% और डीग 67% जीवित पौधे वाले जिले हैं। उन्होंने बताया कि एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत लगाए गए सभी पौधों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जहां पौधे खत्म हो गए हैं। वहां मृत पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक मृत पौधों के स्थान पर लगाए गए पौधों की कुल संख्या 7.29 लाख है। इनमें टोंक में 0.70 लाख, पाली में 0.65 लाख, बूंदी में 0.55, लाख कोटा में 0.50 लाख और जयपुर में 0.48 लाख नए पौधे लगाए गए हैं। मंत्री ने बताया कि हरियालो राजस्थान पौधारोपण अभियान में शिक्षा विभाग द्वारा कुल 2 करोड़ 55 लाख 19 हजार, नरेगा द्वारा 86 लाख 33, ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग द्वारा 10 लाख 20 हजार तथा वाटर शेड द्वारा 5 लाख 91 हजार पौधे लगाए गए थे। जिनका कुल योग 3 करोड़ 57 लाख 64 हजार पौधे है। इनमें से अब तक जीवित पौधों की संख्या 2 करोड़ 95 लाख 01 हजार है। जो कि 82.49% है। जबकि मृत पौधों की संख्या 62 लाख 63 हजार है।


