शिमला में आज बिजली कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। बिजली बोर्ड कर्मचारियों, इंजीनियरों और पेंशनरों की जॉइंट एक्शन कमेटी ने रामपुर में जिला बिजली पंचायत का आयोजन किया। कमेटी के सह संयोजक हीरा लाल वर्मा ने कहा कि बिजली बोर्ड की स्थिति बिगड़ रही है। राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल बिजली बोर्ड की रैंकिंग नीचे आ गई है। बोर्ड में लगभग 9000 पद खाली हैं। सरकार उन्हें भरने के बजाय युक्तिकरण के नाम पर पद समाप्त कर रही है। कर्मचारियों को सरप्लस करके दूसरे विभागों में भेजा जा रहा है। सरकारी विभागों से बिजली बिलों के 260 करोड़ रुपए बकाया हैं। इसके अलावा सरकार से 125 यूनिट तक की बिजली सब्सिडी के 710 करोड़ रुपए नहीं मिले हैं। पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग
कमेटी ने मुख्य अभियंता ई. विमिल नेगी के रहस्यमय निधन की निष्पक्ष जांच की मांग की है। नितीश कुमार को सेवा से बर्खास्त किया गया, उन्हें बहाल करने की मांग भी की गई। हाल ही में समाप्त किए गए 51 पदों को बहाल करने की मांग उठी। मई 2003 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की गई है। पिछले दो वर्षों से लंबित पेंशनरों के बकाया, लीव एनकैशमेंट और ग्रेच्युटी की अदायगी की मांग की गई। आउटसोर्स कर्मियों को स्थाई करने और हटाए गए 81 ड्राइवरों को वापस काम पर रखने की मांग भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने रामपुर बाजार तक रैली निकाली। उपमंडलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। कमेटी ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।


