सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ दायर रिट याचिका खारिज कर दी। याचिका में सुप्रीम कोर्ट और CJI संजीव खन्ना पर अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए दुबे पर अवमानना कार्यवाही की मांग की गई थी। CJI ने कहा- हमारे कंधे मजबूत हैं, हम याचिका पर विचार नहीं करना चाहते हैं। बेंच ने याचिकाकर्ता विशाल तिवारी की दलीलों पर कहा- हम फिलहाल कोई दलील या बहस नहीं सुनना चाहते, लेकिन हम एक शॉर्ट ऑर्डर पास करेंगे। याचिकाकर्ता ने कहा कि यह अदालत और जजों की गरिमा का सवाल है। याचिका में विशाल तिवारी ने निशिकांत दुबे के बयान को कोर्ट के लिए अपमानजनक और निंदनीय बताया था। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल को राष्ट्रपति के लिए राज्यपाल की ओर से भेजे गए बिल पर एक्शन लेने की समय सीमा 3 महीने तय की थी। इस फैसले पर टिप्पणी करते हुए 19 अप्रैल को निशिकांत दुबे ने कहा था- देश में जितने गृह युद्ध हो रहे हैं, उसके जिम्मेदार चीफ जस्टिस संजीव खन्ना हैं और धार्मिक युद्ध भड़काने के लिए सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदार है। भाजपा ने दुबे के बयान से किनारा कर लिया था 20 अप्रैल को निशिकांत दुबे के बयान पर जेपी नड्डा ने X पर लिखा था- भाजपा ऐसे बयानों से न तो कोई इत्तेफाक रखती है और न ही कभी भी ऐसे बयानों का समर्थन करती है। भाजपा इन बयान को सिरे से खारिज करती है। पार्टी ने सदैव ही न्यायपालिका का सम्मान किया है। पार्टी ने कोर्ट के आदेशों और सुझावों को स्वीकार किया था। पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने दुबे के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने 20 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके दुबे के बयानों को आपराधिक अवमानना के दायरे में लाने की मांग की थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के वकील नरेंद्र मिश्रा ने लेटर पिटिशन दायर कर खुद से नोटिस लेकर अवमानना कार्यवाही शुरू करने का आग्रह किया था। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के वकील अनस तनवीर और शिवकुमार त्रिपाठी ने अटॉर्नी जनरल को चिट्ठी लिखकर आपराधिक अवमानना कार्यवाही की शुरू करने की अनुमति मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने को तैयार हुआ था। याचिका में सुप्रीम कोर्ट और चीफ जस्टिस (CJI) के खिलाफ दिए भाजपा सांसद के बयानों के वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग की गई थी। निशिकांत के बयान पर विपक्ष का रिएक्शन ……………………… सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़े… वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट में 15 मई को सुनवाई: केंद्र का हलफनामा- 12 साल में वक्फ संपत्ति 20 लाख एकड़ बढ़ी वक्फ संशोधन कानून पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई टल गई है। अगली सुनवाई 15 मई को होगी। इससे पहले 17 अप्रैल को कोर्ट ने केंद्र को जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया था। पूरी खबर पढ़ें…


