छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बुधवार की सुबह दो गुटों में विवाद के बाद पिस्टल से फायर कर दिया गया। इससे गोली चलने से एक युवक घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर हुए विवाद के दौरान ये घटना हुई है। हालांकि, घायल युवक ने गलती से फायर होने और खुद के घायल होने की जानकारी दी है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। घटना कोटा थाना क्षेत्र की है। दरअसल, कोटा और कोनी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा है। जिसमें गुंडागर्दी और लाठी के दम पर रेत परिवहन करने वाले ट्रैक्टर चालकों से अवैध उगाही का खेल भी चल रहा है। बताया जा रहा है कि ग्राम लमेर में भी अरपा नदी पर अवैध उत्खनन हो रहा था। यहां दो गुट अवैध वसूली करता है, जिसे लेकर उनके बीच आपस में टकराव चल रहा है। अवैध वसूली को लेकर विवाद, गोली चलने से युवक घायल
लमेर गांव में दो गुटों के अवैध वसूली को लेकर बुधवार सुबह विवाद हो गया। बताते हैं कि गोंविद यादव और हेमंत यादव यहां अलग-अलग गुट बनाकर रेत ले जाने वाले ट्रैक्टर चालकों से पैसे की वसूली करते हैं। इसी विवाद के दौरान एक गुट ने पिस्टल से हमला कर दिया और गिरजा शंकर यादव (31) पिता मनीराज यादव के पैर में गोली मार दी। जिससे वो घायल हो गया है, उसे इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल युवक बोला- गलती से फायर, पैर में लगी चोंट
इस घटना की जानकारी मिलते ही कोटा पुलिस सक्रिय हो गई है। थाना प्रभारी राज सिंह, एसडीओपी नुपुर उपाध्याय ने घटना की जानकारी ली, जिसके बाद घायल युवक से पूछताछ की। इस दौरान घायल गिरजा शंकर यादव ने बताया कि उसे जंगल में पिस्टल मिला। जिसे कॉक करने के बाद छूते ही फायर हो गया और उसके पैर में गोली लग गई। एसडीओपी बोली- जांच के बाद पता चलेगी घटना की सच्चाई
इधर, एसडीओपी नुपुर उपाध्याय का कहना है कि घायल युवक ने खुद से गोली चलने की बात कही है। लेकिन, उसकी बातों पर भरोसा नहीं हो रहा है। युवक जंगल में पिस्टल मिलने का दावा कर रहा है। ऐसे में घटना की सच्चाई जानने की कोशिश की जा रही है। मामले में अन्य लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद ही गोली चलने के सही कारणों का पता चल सकेगा। बता दें कि घायल युवक पीडीएस की दुकान चलाता है। ऐसे में वह जंगल क्यों गया और उसे अचानक पिस्टल कहां से मिला, ऐसे कई सवाल हैं, जिसका जवाब पुलिस के पास भी नहीं है।


