पंजाब के जंगलों में आतंकियों का छिपाया विस्फोटक पकड़ा:RPG-IED, वायरलैस सेट, ग्रेनेड मिले; DGP बोले- ISI की स्लीपर सेल एक्टिव करने की प्लानिंग

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) के जंगलों में पुलिस ने 2 RPG, 2 IED, 5 हैंड ग्रेनेड और एक वायरलेस कम्युनिकेशन सेट बरामद किया है। खुफिया इनपुट के बाद अमृतसर की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) केंद्रीय एजेंसी के साथ तिब्बा नंगल-कुलार रोड के पास बने जंगल में पहुंची थी। सर्च ऑपरेशन में टीम को विस्फोटक सामग्री मिली। पंजाब के DGP गौरव यादव ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि पाकिस्तान की ISI और उससे जुड़े आतंकी संगठनों ने पंजाब में छिपे अपने स्लीपर सेल को दोबारा एक्टिव करने की प्लानिंग बनाई थी। विस्फोटक सामग्री की बरामदगी इसी साजिश का हिस्सा है। आतंकियों ने ये सामग्री भविष्य में आतंकी घटनाओं के लिए छिपाकर रखी थी। इसे लेकर अमृतसर SSOC की टीम ने मामला दर्ज कर लिया है। जल्दी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। DGP ने सोशल मीडिया पर जारी की जानकारी… गुरदासपुर में पाकिस्तानी घुसपैठिया पकड़ा
वहीं, सोमवार को गुरदासपुर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर BSF ने पाकिस्तानी नागरिक को अरेस्ट किया। उसके पास पाकिस्तानी आईडी कार्ड भी मिला है। यह गिरफ्तारी गुरदासपुर के ठाकरपुर में हुई। आईकार्ड पर युवक का नाम नाम हुसनैन लिखा हुआ है। वह पाकिस्तान में गुजरांवाला का रहने वाला है। शुरुआती पूछताछ में उसने कहा कि वह अनजाने में भारतीय सीमा में आ गया। BSF को उससे कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। बीएसएफ ने पकड़े गए व्यक्ति को पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से पड़ताल की जा रही है, ताकि किसी संभावित साजिश या सुरक्षा चूक की आशंका की गंभीरता से जांच की जा सके। अमृतसर में 2 पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार हुए थे
अमृतसर पुलिस ने 2 दिन पहले 2 संदिग्ध जासूसों को गिरफ्तार किया था। ये पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को भारत की संवेदनशील सैन्य और रणनीतिक जानकारियां भेज रहे थे। दोनों ने सीमावर्ती इलाकों में सैन्य गतिविधियों की तस्वीरें, वीडियो और लोकेशन डेटा वॉट्सऐप व अन्य माध्यमों से पाकिस्तान भेजी थीं। ये दोनों अमृतसर की जेल में बंद हरप्रीत सिंह उर्फ पिट्‌टू उर्फ हैप्पी के जरिए ISI से जुड़े हुए थे। आरोपियों की पहचान पलक शेर मसीह और सूरज मसीह के रूप में हुई। इनके कब्जे से मोबाइल, सिम कार्ड, कैश और संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद हुए। जांच में सामने आया कि दोनों को लालच देकर भर्ती किया गया। इन्हें एक तस्वीर के 5 से 10 हजार रुपए मिल जाते थे। बठिंडा कैंट से जासूसी के शक में मोची गिरफ्तार
पिछले हफ्ते पुलिस ने बठिंडा कैंट में प्राइवेट तौर पर काम कर रहे मोची को जासूसी के शक में पकड़ा था। मोची की पहचान बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले सुनील कुमार (26) के रूप में हुई थी। उसके मोबाइल से चैटिंग मिली थी, जिसे पाकिस्तानी लड़की के साथ होने का शक जाहिर किया गया था। ऐसे में उसे हनीट्रैप में फंसाने का भी शक जताया जा रहा है। पुलिस ने उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 52 यानी किसी साजिश के तहत केस दर्ज किया है। मोची की गिरफ्तारी पर पुलिस ने कहा था कि अभी उसे जासूस कहना जल्दबाजी होगी। अभी मामले की जांच की जा रही है।

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