किसानों से वसूली करने वाले लुटेरों के खिलाफ जांच करने की मांग की

भास्कर न्यूज| महासमुंद/ खल्लारी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को भाजपा शासन में किसान हित के बजाय वसूली अभियान बना दिया गया है। खल्लारी विधानसभा के सक्रिय कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा ने भाजपा नेताओं और सरकारी तंत्र पर किसानों की गाढ़ी मेहनत की कमाई को जबरन वसूलने का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के नार्को टेस्ट की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों को भ्रमित कर, डरा कर, और दबाव डाल कर बीमा राशि से 20 से 25 प्रतिशत तक की लूट की जा रही है, और यह सब भाजपा नेताओं की शह व कृषि विभाग की चुप्पी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह फसल बीमा योजना नहीं, बल्कि कमीशन वसूली योजना बन चुकी है। अंकित ने प्रशासन और कृषि विभाग पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि 4 अप्रैल को जिला मुख्यालय में बीमा सूची उपलब्ध हो चुकी थी, लेकिन किसानों को जानकारी 14 अप्रैल को बागबाहरा ब्लॉक में दी गई। वह भी शिकायत के बाद, जबकि वसूलीबाजों के पास सूची पहले से थी। आज तक किसी ग्राम पंचायत, ग्राम सभा, ग्राम सेवक, कोटवार या समाचार माध्यमों से एक भी अपील नहीं की गई कि किसान कमीशन न दें। जांच एक मज़ाक बन गई है, जहां उन्हीं अधिकारियों से बयान लिए जा रहे हैं जो खुद आरोपित हैं, जबकि बीमा राशि हजारों किसानों को मिली है। अंकित ने आरोप लगाया कि खुद को किसानों का हितैषी कहने वाली भाजपा सरकार के लोग ही किसानों को डरा-धमका कर पैसे ले रहे हैं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री के नाम पर वोट लेते हैं और फिर उन्हीं की योजना से किसानों को लूटते हैं इससे बड़ा धोखा क्या हो सकता है? अंकित बागबाहरा ने बताया कि वे जल्द ही इस संगठित भ्रष्टाचार के खिलाफ बीमा कंपनी, आर्थिक अपराध शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो में भी शिकायत दर्ज करवाएंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि प्रशासन ने शीघ्र सख्त कदम नहीं उठाया, तो वे आंदोलन की राह भी चुन सकते हैं। इस मामले को लेकर अंकित ने मंगलवार को जिलाधीश व एसपी से भेंट कर ज्ञापन सौंप पूरे मामले में त्वरित व कठोर कार्रवाई की मांग की। अंकित ने बताया कि ये वसूलीबाज गिरोह गांव-गांव घूमकर किसानों को डरा रहे हैं और पैसे ऐंठ रहे हैं। यह लिस्ट उन्होंने जिलाधीश और पुलिस अधीक्षक को सौंपी है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *