मजदूर की बेटी ने दीवार पर लिखा था टॉप करूंगी:और कर दिखाया फिर रोने लगी, 10वीं-12वीं टॉपर्स की दिलचस्प कहानियां

मजदूर की बेटी ने जब टॉप किया तो अपने आंसू नहीं रोक पाई। कोई भगवान के भजन सुनकर तैयारी कर रहा था तो किसी ने चचेरी बहन को गुरु बनकर टॉप किया। छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं के नतीजे आ चुके हैं मेरिट लिस्ट में शामिल सैकड़ो बच्चों की कामयाबी तक पहुंचने की अपनी कहानी और किस हैं। इस रिपोर्ट में जानिए उन टॉपर्स की मेहनत की दास्तान जिसकी बदौलत वह कामयाब हुए।
ऊपर तस्वीर में अपनी मां संतोषी के साथ दिख रही 12वीं की छात्रा धनेश्वरी यादव है । धनेश्वरी के पिता फगवा यादव हमाली का काम करते हैं । सिर और पीठ पर कई किलो वजन उठाते हैं ताकि परिवार को पैसों की तंगी के बोझ से बाहर निकाल पाएं। मां भी मजदूरी करती है लेकिन पिछले 6 महीने से तबियत खराब होने के चलते वो काम पर नहीं जा पातीं। धनेश्वरी ने 12वीं में 96.4% के साथ टॉप किया है । मंदिर हसौद के रावण भाटा इलाके की रहने वाली धनेश्वरी की बाकी बहने पैसों की तंगी की वजह से पढ़ नहीं पाईं। ये बात यादकर धनेश्वरी राेने लगीं। इस बेटी ने एग्जाम से कुछ महीने पहले ही अपने घर की दीवार पर लिख रखा था कि 95% लेकर आने हैं टॉप करना है । 96.4% के साथ धनेश्वरी ने वो कर दिखाया। 500 नंबर की परीक्षा में 482 नंबर लाकर धनेश्वरी ने यह साबित भी किया है कि अगर दिल में चाहत हो तो संसाधनों की कमी रुकावट नहीं बन सकती। धनेश्वरी ने कहा कि मैं कई घंटे नहीं पढ़ती थी, लेकिन जितनी देर पढ़ती थी पूरी तरह से फोकस होकर ही पढ़ा करती थी। लगातार नोट्स बनाने की वजह से ही मुझे एग्जाम में कोई प्रेशर फील नहीं हुआ। धनेश्वरी ने बताया कि वह आगे चलकर बीकॉम से ग्रेजुएशन करेगी और बैंक में अफसर बनेगी। घर पर धनेश्वरी से बड़ी तीन बहन है और एक भाई छोटा भाई है।

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