स्टेट जीएसटी (कमर्शियल टैक्स) की लगातार कार्रवाई से कर चोरी के मामलों में कुछ कमी आई है। पिछले वित्तीय वर्ष में जहां साल भर में 1388 कर चोरी के मामले पकड़े गए थे, यानी हर महीने 116 मामलों पर कार्रवाई हुई थी। इस साल नवंबर तक कुल 827 मामले सामने आए हैं, यानी औसत रूप से हर महीने 103। यानि तुलनात्मक रूप से कर चोरी के मामले कुछ घटे हैं। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार ने यह जानकारी सदन में रखी थी। कमर्शियल टैक्स विभाग ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में धारा 67 और 70 में एनफोर्समेंट की कार्रवाई करते हुए प्रदेशभर में 1388 कर चोरी के मामले पकड़े। इन मामलों में जांच के बाद 593.59 करोड़ की राशि कर और पेनल्टी के रूप में जमा हुई। अप्रैल से नवंबर तक कार्रवाई करते हुए कर चोरी के 827 मामले पकड़े। इनमें कर, पेनल्टी के रूप में कुल 566 करोड़ की राशि जमा हो चुकी है। हालांकि वित्त मंत्री ने सदन में दी गई जानकारी में कहा कि कर चोरी के मामलों में विभाग के अधिकारियों की कोई भूमिका सामने नहीं आई है। बिना ई-वे बिल के पकड़े 1087 वाहन
वित्तीय वर्ष 2023 -24 में बिना ई वे बिल और बिल के माल का परिवहन करते हुए कुल 1087 वाहनों को पकड़ा जिनसे 26 .49 करोड़ की राशि पेनल्टी के रूप में वसूल की गई। आयरन -स्टील सहित स्क्रैप ले जाते 297 वाहन पकड़े गए, जिनसे 7.11 करोड़ पेनल्टी के वसूले गए। इस वित्तीय वर्ष में नवंबर तक 561 वाहनों पर कार्रवाई कर 9 .53 करोड़ की पेनल्टी वसूल की गई। इसमें स्क्रैप परिवहन करते हुए 125 वाहन मिले थे। 2.25 करोड़ वसूले गए। पिछले साल हर महीने औसत 90 वाहन पकड़े थे, इस बार यह संख्या घटकर 70 हुई। रोलिंग मिलों के कारोबार में पकड़ा सिर्फ एक मामला
सरकार द्वारा दी गई जानकारी में यह भी कहा गया कि मप्र और गुजरात की रोलिंग मिलों के बीच माल का आवागमन होता है। इनकी जांच में कर चोरी का एक मामला ही अप्रैल में सामने आया था। इस मामले की जांच में कर और पेनल्टी के रूप में 60 .79 लाख रुपए विभाग के पास जमा कराए गए। कार्रवाई उज्जैन की फर्म राज राजेंद्र स्टील्स पर की गई थी।


