राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन के नाम पर अलग-अलग राज्यों से करीब 150 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले बंटी-बबली की जोड़ी को जशपुर पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने एक मॉडल की मदद ली, जिसने आरोपी महिला से संपर्क कर उससे बिजनेस लैंग्वेज में बातचीत की और मीटिंग के लिए दिल्ली के होटल ताज में बुलाया। यहां पहुंचते ही पुलिस ने महिला को और बाद में उसके पार्टनर को भी गिरफ्तार कर लिया। सीएसआर फंड से कपड़ा और स्वेटर सप्लाई के नाम पर रत्नाकर और अनिता उपाध्याय ने व्यापारियों से 17 करोड़ 10 लाख रुपए की ठगी की। आरोपियों ने छत्तीसगढ़ के 3 व्यापारियों से 90 करोड़ रुपए का एग्रीमेंट किया था और कर्नाटक में सप्लाई कराकर लुधियाना की कंपनी से पेमेंट करवाया। जब व्यापारियों को पैसा नहीं मिला तो उन्होंने आरोपियों से पैसा वापस मांगा। आरोपियों ने जो चेक दिए, वे बाउंस हो गए। आरोपियों के खिलाफ पत्थलगांव थाने में व्यापारी अमित अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्रामीण साक्षरता मिशन में स्वेटर सप्लाई के नाम पर उससे 5.7 करोड़ रुपए की ठगी हुई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुई। आरोपी महिला को 1000 करोड़ के ऑर्डर देने का लालच देकर होटल बुलाया आरोपी वाईफाई नेट कनेक्टिविटी कर सिर्फ वाट्सएप कॉल पर बातचीत करते थे। उनकी लोकेशन दिल्ली पता लगने पर पत्थलगांव एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल के नेतृत्व में टीम को दिल्ली रवाना किया। पुलिस ने आरोपी महिला से एक मॉडल के जरिए संपर्क साधा और उसे 1000 करोड़ का ऑर्डर देने का लालच दिया। आरोपी अनिता को होटल से ही हिरासत में ले लिया गया था। रत्नाकर की लोकेशन को ट्रेस करते हुए पुलिस जब उस तक पहुंची तो उसने एसडीओपी पर हमला कर दिया। इसके बाद जशपुर पुलिस ने दिल्ली पुलिस की मदद से उसे हिरासत में लिया। पता चला कि आरोपियों के खिलाफ देश के 12 राज्यों में ठगी के कई अपराध दर्ज हैं। उन्होंने सप्लाई के नाम पर 150 करोड़ की ठगी की है।


