बंगाली युवा मंच चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वाधान में बांग्ला सांस्कृतिक मेला का आगाज शुक्रवार को प्रभात फेरी से हुआ। सुबह 7.30 बजे मेन रोड स्थित दुर्गा बाड़ी से प्रभात फेरी निकाली गयी, जो अल्बर्ट एक्का चौक से एचबी रोड थड़पखना होते हुए बिरसा मुंडा स्मृति पार्क (जेल पार्क) तक गयी। प्रभात फेरी में शामिल सभी महिला-पुरुष पारंपरिक बांग्ला पोशाक पहने हुए थे। महिलाओं ने लाल पाड़ सफेद साड़ी और पुरुषों ने धोती-कुर्ता पहन रखा था। सभी कीर्तन गाते हुए जेल पार्क तक पहुंचे। प्रभात फेरी में सबसे आगे एक ट्रक पर मंच तैयार किया गया था। संगीत कलाकार लिली मुखर्जी, रिंकू बनर्जी, डॉ पंपा सेन विश्वास, सुचिस्मिता, पारोमिता चौधरी, तबला वादक अशोक कुमार विश्वास प्रभात फेरी में शामिल लोगों को मंत्रमुग्ध कर रहे थे। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया बिरसा मुंडा स्मृति पार्क में पहुंचने के बाद मेला प्रांगण में ट्रस्ट के संरक्षक एवं झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। ध्वजारोहण होते ही मेला के टाइटल सॉन्ग ‘आमार मायेर दामाल छेले…’ पर कलाकारों ने समंा बांध दिया। मौके पर स्थानीय कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुति भी दी। इस दौरान महिलाओं ने उलु ध्वनि की और शंख भी बजाया। हे नूतोन देखा दिक आर-बार… ने लोगों को झूमाया मेले में कोलकाता से आए मोहन बैंड ने मनभावन संगीत प्रस्तुति दी। मेला का नाम वर्ण परिचय रखा गया है, यह विद्यासागर के द्वारा लिखी गई एक पुस्तक है। वहीं मंच का नाम गीतांजलि रखा गया है। मेले में बाल नृत्य कलाकारों ने मनमोहक रबींद्र नृत्य प्रस्तुत किया। इसका निर्देशन मोनिका डे ने किया। बच्चों की प्रस्तुति को देख सभी मंत्रमुग्ध हो गये। नृत्य के बाद पूरा मेला परिसर तालियों से गूंज उठा।


