भास्कर न्यूज | सूरजपुर/ओड़गी सूरजपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिहरपुर अंतर्गत आने वाला पासल उप स्वास्थ्य केंद्र पिछले तीन दिनों से बंद पड़ा हुआ है, जिससे आसपास के आदिवासी बहुल क्षेत्र के ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उप स्वास्थ्य केंद्र में लटक रहे ताले के कारण बीमार ग्रामीणों और छोटे बच्चों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, पहले की एएनएम के कार्यों से असंतुष्ट ग्रामीणों ने सुशासन तिहार के दौरान शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सूरजपुर ने कार्रवाई करते हुए एएनएम का तबादला कर दिया और नए एएनएम मांन कुंवर को पासल उप स्वास्थ्य केंद्र में 6 मई को तत्काल पदस्थ करने का आदेश जारी किया। हालांकि, आदेश के बावजूद उप स्वास्थ्य केंद्र अब तक चालू नहीं हो पाया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। पासल उप स्वास्थ्य केंद्र देवढी, पासल और पेंडारी गांवों के बीच स्थित है। यह केंद्र न केवल चिकित्सा सेवाओं के लिए, बल्कि जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र और प्रसव जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए भी ग्रामीणों की पहली उम्मीद होता है। केंद्र बंद रहने के कारण इन तीनों ग्राम पंचायतों के लोग इलाज और आवश्यक दस्तावेजों के लिए परेशान हो रहे हैं। अस्पताल में ताला लटका देख वापस लौट रहे मरीज स्थानीय लोगों ने बताया कि रोजाना सैकड़ों लोग केंद्र पर इलाज के लिए आते हैं, लेकिन ताला लटकता देखकर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उप स्वास्थ्य केंद्र को जल्द से जल्द चालू कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए, ताकि आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं की कमी दूर हो सके।


