भांखड़ा डैम पर तैनात होगी CISF:बीबीएमबी अध्यक्ष का HC में शपथपत्र; 200 क्यूसेक पानी छोड़ा था, पंजाब पुलिस ने बंद कराया, ऐसे 6 खुलासे

हरियाणा-पंजाब जल विवाद के बीच हाईकोर्ट में बीबीएमबी अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी ने बड़ा खुलासा किया है। अध्यक्ष ने हाईकोर्ट में दिए शपथ पत्र में कहा है कि भांखड़ा डैम पर सीआईएसएफ तैनात की जाएगी। इसकी प्रक्रिया चल रही है। बीबीएमबी अध्यक्ष ने हाईकोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा कि पंजाब कैडर के बीबीएमबी अधिकारियों और पंजाब पुलिस के असहयोग के कारण बीबीएमबी अधिकारी अपने आधिकारिक कर्तव्यों जैसे कि परियोजना की सुरक्षा समीक्षा और नंगल हाइडल चैनल से जल विनियमन का निर्वहन नहीं कर सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 200 क्यूसेक पानी छोड़ा था, मगर पंजाब पुलिस ने उसे भी बंद करा दिया। गेस्ट हाउस में दो घंटे बर्बाद किए और भाखड़ा बांध का दौरा नहीं करने दिया। हाईकोर्ट में बीबीएमबी अध्यक्ष ने बताई पूरी कहानी… 1. दौरे से पहले पुलिस को दी जानकारी ‘मैंने भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के कारण 8 मई 2025 को परियोजना प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए सुबह 9 बजे से भाखड़ा नांगल परियोजना के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों का दौरा करने की योजना बनाई थी। इस दौरे की सूचना सुबह 8.19 बजे एसएसपी, रूपनगर को दी गई, जिसकी एक प्रति डीसी, रूपनगर और संयुक्त सचिव, हाइड्रो, एमओपी को भेजी गई, जिसमें दौरे के दौरान आवश्यक पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध किया गया। इसकी सूचना आधिकारिक स्टाफ द्वारा एसएसपी रूपनगर कार्यालय को दूरभाष पर भी दी गई। 2. नांगल डैम जाने से रोका गया हाईकोर्ट में बीबीएमबी अध्यक्ष ने बताया, सिक्योरिटी के साथ नंगल डैम की ओर रवाना हुआ। मुझे और निदेशक, सुरक्षा, बीबीएमबी को दो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा नंगल डैम परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई और स्थानीय पुलिस ने अनुरोध किया कि नंगल डैम की यात्रा से कानून और व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। हमें नंगल गेस्ट हाउस में उनके साथ जाने का अनुरोध किया जहां मुख्यमंत्री, पंजाब शीघ्र ही आने वाले हैं। यह पाया गया कि नंगल डैम परिसर को बंद कर दिया गया था। मैं और निदेशक, सुरक्षा अधिकारी डैम परिसर में प्रवेश नहीं कर सकते थे। 3. दूसरे रास्ते से गेस्ट हाउस पहुंचे अध्यक्ष ने शपथ पत्र में लिखा, नगल पहुंचने पर वे मुख्य द्वार से गेस्ट हाउस में प्रवेश नहीं कर पाए, क्योंकि गेट पर बहुत सारे लोग एकत्र हुए थे और मुख्य द्वार बंद था, इसलिए वे दूसरे रास्ते से गेस्ट हाउस में प्रवेश करने में सफल रहे। गेस्ट हाउस पहुंचने के बाद मैंने बार-बार पुलिस कर्मियों से मुख्यमंत्री पंजाब के दौरे के बारे में पूछा और बार-बार कहा गया कि कुछ मिनट और इंतजार करो। इस तरह दो घंटे से अधिक समय बर्बाद हो गया। मैं और निदेशक सुरक्षा भाखड़ा बांध की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए भाखड़ा बांध की महत्वपूर्ण एस्टेबलिशमेंट का दौरा दौरा नहीं कर सके। 4. रिश्तेदारों ने बताया पुलिस ने हिरासत में लिया तक प्रतीक्षा करने की इस प्रक्रिया में मुझे और बीबीएमबी के अन्य अधिकारियों को मित्रों और रिश्तेदारों से कई बार फोन आए कि पंजाब पुलिस ने मुझे और बीबीएमबी के अन्न अधिकारियों को गेस्ट हाउस में हिरासत में ले लिया है। चेयरमैन, बीबीएमची के सुरक्षा कर्मचारियों ने बताया कि जहुत सारे लोग एकत्र हो गए हैं और गेस्ट हाउस का मेन गेट बंद कर दिया गया है। मेरे द्वारा लगातार अनुरोध करने के बाद कि उसे और उसके अधिकारियों को अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने के लिए बाहर जाने दिया जाए मगर पंजाब पुलिस कर्मियों ने उन्हें परिसर नंगल छोड़ने के लिए कहा और मुझे और बीबीएमबी अधिकारियों को परिसर से बाहर ले गए। 5. मेरे वाहनों पर भीड़ ने हाथ मारे बीबीएमबी ने अपने शपथ में कहा, गेस्ट हाउस परिसर से चाहर जाते समय बहुत सारे लोग इकट्ठा हो गए, चिल्लाने लगे और बाहनों को रोकने की कोशिश की और उनमें से कुछ ने वाहनों को हाथों से भी मारा। पंजाब पुलिस द्वारा कानून और व्यवस्था की समस्या को ठीक से मैनेज नहीं किया जा रहा था, इसलिए मैं और बीनीएमची अधिकमी चंडीगढ़ वापस लौट आए। यद्यपि पुलिस कर्मियों ने मुझे एस्कार्ट कर वाहन तक पहुंचाया, परन्तु उन्होंने मुझे परियोजना के महत्वपूर्ण प्रतिष्खनों में जाने की अनुमति नहीं दी। 6. आनंदपुर डीएसपी बंद कराने पहुंचे 200 क्यूसेक पानी अध्यक्ष ने कहा, ‘पुलिस कर्मियों ने मुझे सतलुज सदन तक पहुंचाया। हरियाणा द्वारा दिए गए मांगपत्र के अनुसार पानी छोड़ने के लिए बोर्ड के दिनांक 30 अप्रैल.और 3 मई के संकल्प और बीबीएमबी अधिकारियों के भी अनुमोदन के बाद बीबीएमबी ने वहां के कर्मचारियों को सुबह 9 बजे 200 क्यूसेक पानी छोड़ने और नांगल हाइडल चैनल में 100 क्यूसेक प्रति घंटे की दर से पानी छोड़ने के लिए राजी किया। 8 मई को नहर तार संख्या 74 जारी किया। मुझे बताया गया कि डीएसपी, आनंदपुर साहिब सुबह करीब 10 बजे लोहंद नियंत्रण कार्यालय पहुंचे और उनसे 200 क्यूसेक पानी की वृद्धि को वापस करने के लिए कहा, जो सुबह 9 बजे से लागू की गई थी। हालांकि, उन्होंने डीएसपी के निर्देशों का पालन करने करने से इनकार कर दिया। अवमानना की सुनवाई में HC की पंजाब को फटकार भाखड़ा नंगल डैम से पानी के बंटवारे को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच चल रहे विवाद पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने कहा कि पंजाब सरकार यह आश्वासन दे कि हाई कोर्ट का फैसला लागू किया जाएगा, नहीं तो मुख्य सचिव और डीजीपी को अवमानना का नोटिस जारी किया जाएगा। पंजाब सरकार ने इस पर आपत्ति जताई। कहा कि उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया जाए। साथ ही सुनवाई सोमवार तक स्थगित करने की मांग की। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमित गोयल की खंडपीठ ने कहा कि यदि पंजाब सरकार आश्वासन देती है तो सुनवाई सोमवार तक टाली जा सकती है। अन्यथा अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। पंजाब सरकार ने कहा कि मामला संवेदनशील है। लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं। इसलिए अभी आश्वासन नहीं दे सकते। इसके लिए समय दिया जाए।

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