योग वेदांत सेवा समिति, भीलवाड़ा द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय साधक सम्मेलन व संकीर्तन यात्रा का आयोजन भीलवाड़ा के छोटी हरणी स्थित आशाराम आश्रम में सम्पन्न हुआ। मिडिया प्रभारी ब्रजेश पारीक ने बताया कि इस आयोजन में सम्पूर्ण राजस्थान के साधकों ने भाग लिया, जिनमें सीकर से 52 कोटा से 130, पाली 145, उदयपुर से 110, चित्तौड़गढ़ से 94, अजमेर से 72, बाड़मेर से 125, जोधपुर से 120, जयपुर 96, सिरोही 115, टोंक 55, निवाई से 32, देवली से 45, श्रीगंगानगर से 14, चुरू से 20, बारा 43, आबूरोड से 47और भीलवाड़ा जिले के 650 साधक शामिल हुए।25 बसों, रेल व अन्य साधनों से हज़ारों संख्या मे साधक भीलवाड़ा पहुंचे।सम्मेलन के दौरान, साधकों ने संत आसाराम की शिक्षाओं को सुना और उनका अनुसरण किया। कोर कमेटी के सदस्य चंद्रशेखर जोशी ने आश्रम की गतिविधियों के बारे में बताया और साधकों को प्रेरित किया। बृजेश पारीक ने बापूजी को जल्द से जल्द रिहा नहीं करने पर लोकतांत्रिक पद्धति से आंदोलन करने पर अपने विचार व्यक्त किया।अजमेर आश्रम अध्यक्ष नीटू पारीक ने सुप्रचार ज्यादा से ज्यादा करने पर अपने विचार व्यक्त किया।रिया फतनानी के द्वारा लाल टोपी सिर पर व अपने लाल हृदय में धारण कर सबपर अनंत प्रेम व कृपा बरसा रहे पर विचार व्यक्त किए। यात्रा के दौरान नाचते गाते चले साधक इसके बाद शाम को विशाल संकीर्तन यात्रा निकली, जिसमें साधकों और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मे भाग लिया।यात्रा के लिए शहर में 25 से अधिक स्वागत द्वार बनाए गए थे और कई स्थानों पर पुष्प वर्षा व आरती की गई। सिंधी सेंट्रल पंचायत समिति के द्वारा मिठाई वितरण व पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। तुलसी पूजन की विशेष झांकी बनी आकर्षण का केंद्र संकीर्तन यात्रा के दौरान 25 दिसंबर तुलसी पूजन की झांकी सजाई गई जो कि एक आकर्षित कर रही थी साथ ही शोभायात्रा के दौरान 200 तुलसी के पौधे भी वितरित किये गए। इनका मिला सहयोग भीलवाड़ा शहर विधायक अशोक कोठारी मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे और उन्होंन सेवा कार्यों का उल्लेख किया एवं प्रार्थना करी की बापू जल्दी हमारे बीच में आएंगे और हमें फिर से उनका सत्संग मिलेगा।इस मौके पर लोकेश फ़तनानी, हमेर सिंह,गौरीशंकर पारीक, गौरीशंकर गोपलान,मनीष कलवानी, विशाल मंगनानी, सुरेश मंगनानी, भगवान नामा,अंकुश कोठारी,निर्मल सोनी,दिलीप नामा,जीतू भाई, कैलाश नुवाल,प्रकाश शर्मा,जितेंद्र वेशनानी,महिला समिति की लता बहन,नेहा फतनानी, सीता बाई,कमला बाई,मुस्कान,गीता देवी, कीर्ति बाला,हरिप्रिया, दिव्या पारीक, आदि का सहयोग मिला।


