डांस और भजनों से बताया मीराबाई का जीवन:मीरा महोत्सव में कथक और भरतनाट्यम डांस की हुई प्रस्तुति, आज आएंगे सुरेश वाडकर और जयकिशन महाराज

चित्तौड़गढ़ दुर्ग के फतेह प्रकाश महल में आयोजित मीरा महोत्सव के दूसरे दिन भजन के साथ-साथ कथक और भरतनाट्यम डांस की भी प्रस्तुति हुई है। भारत के जाने-माने कथक डांसर अनुज मिश्रा, राजस्थान के भजन गायक दयाराम भांड, महाराष्ट्र के भजन गायक शेखर सेन और मध्य प्रदेश की भरतनाट्यम डांसर लता सिंह मुंशी मीरा महोत्सव में शामिल हुई और अपनी अपनी प्रस्तुति दी। अपनी प्रस्तुति में कलाकारों ने मीरा के पूरे जीवन को अपने डांस और भजनों के द्वारा बताया। वहीं, आज सोमवार को मीरा महोत्सव का अंतिम दिन होगा, जिसमें प्लेबैक सिंगर और भजन गायक सुरेश वाडकर, पंडित बिरजू महाराज के बेटे कथक डांसर जयकिशन महाराज और छाया-पुतुल कलाकार रामचंद्र पुलावर अपनी प्रस्तुति देंगे। लता सिंह मुंशी ने भरतनाट्यम से दी प्रस्तुति संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली, जिला प्रशासन चित्तौड़गढ़ और पर्यटन विभाग की ओर से तीन दिनों का मीरा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन संत शिरोमणि मीराबाई के 525 में जयंती पर किया जा रहा है। इसकी शुरुआत 21 दिसंबर से हो चुकी है और आज सोमवार को इसका आखिरी दिन होगा। रविवार शाम से शुरू हुए प्रोग्राम देर रात तक चलता रहा। दूसरे दिन के आयोजन में मध्य प्रदेश से आए भरतनाट्यम डांसर लता सिंह मुंशी ने अपने साथी कलाकारों के साथ मीरा के जीवन पर नृत्य नाटिका पेश किया। उनके साथ प्रियंका शर्मा, आरोही मुंशी, सुमन कोठारी, अनन्या यादव भी शामिल थी। सबने संत मीराबाई के बाल्यावस्था से लेकर श्री कृष्ण भगवान के प्रतिमा में समा जाने का चित्रण किया। उन्होंने “मैं तो गिरधर के साथ नाचूंगी”, “मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई” जैसे भजनों पर भी अपनी प्रस्तुति दी है। कथक डांस और भजनों ने मोह लिया मन वहीं, उत्तर प्रदेश के कथक डांसर अनुज मिश्रा ने भी अपने साथी कलाकारों के साथ मीरा के बाल्यावस्था से लेकर मूर्ति में समा जाने तक का सारा चित्रण कथक डांस के जरिए किया है। अनुज मिश्रा और उनके साथी कलाकारों ने 38-38 के तीन चक्र काटे, जो सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र था। अपने कथक डांस के जरिए उन्होंने श्री कृष्ण के रासलीला का भी चित्रण किया है। इसके अलावा राजस्थान के जाने-माने भजन गायक दयाराम भांड और महाराष्ट्र के भजन गायक शेखर सेन ने भी अपनी कला की प्रस्तुति दी। सभी कलाकारों का जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने स्वागत किया। इस दौरान सभी प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। दर्शक भी देर रात तक डटे रहे। मीरा की जीवनी पर दी गई प्रस्तुति को लेकर ऑडियंस को भी काफी पहलुओं को जानने का मौका मिला। आज होगा समापन चित्तौड़गढ़ में आज मीरा महोत्सव का समापन होगा। शाम के 6 से प्रस्तुतियां शुरू हो जाएगी। आज आखिरी दिन सोमवार को प्लेबैक सिंगर और भजन गायक सुरेश वाडकर, केरल के जाने-माने छाया पुतुल कलाकार रामचंद्र पुलावर और पंडित बिरजू महाराज के बेटे कथक डांसर जय किशन महाराज चित्तौड़गढ़ आएंगे और अपनी-अपनी प्रस्तुति देंगे। अपने प्रवास को लेकर सुरेश वाडकर और जय किशन महाराज ने एक वीडियो जारी कर सभी चित्तौड़गढ़ वासियों को आमंत्रित किया है।

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