मदर्स डे पर कोडरमा के वैष्णवी की कहानी:6 साल की उम्र में मां को खोया, पिता-दादा का बन रही सहारा, केबीसी तक पहुंची

‘मां’ यह महज शब्द नहीं है और न ही हाड़-मांस की बनी कोई प्रतिमा। दरअसल यह भावना है। इसके लिए उम्र का होना जरूरी नहीं होता है। अगर ममत्व वाली भावना है, बिना शर्त सेवा करने का भाव है, तो वह मां है। ऐसी ही एक मां है कोडरमा के झुमरीतिलैया शहर के गांधी स्कूल रोड की रहने वाली वैष्णवी। उम्र महज 22 साल है। 6 साल की उम्र में मां का साया छूटा, दादी सहारा बनी पर कुछ ही दिनों में वो भी चल बसी। पिता ने पाला। जब से होश संभाला है वैष्णवी अपने पिता और दादा के लिए ‘मां’ की तरह है।
पिता विवेकानंद और दादा गजाधर कहते हैं मां की तरह हमारा पूरा ध्यान रखती है। कभी-कभी मां की तरह ही डांट फटकार भी लगाती है। लंबी बीमारी के बाद मां का छूटा साथ साल 2006 में लंबी बीमारी के बाद मां का निधन हो गया। मां के गुजरने के बाद कुछ वर्षों तक वैष्णवी को दादी का प्यार और उनकी छाया तो मिली। पर कुछ वर्षों के बाद दादी का प्यार भी उससे छीन गया। दादी के गुजर जाने के बाद घर की सारी जिम्मेदारी इसने अपने कंधों पर ले ली। घर की साफ-सफाई, पूजा-पाठ, खाना बनाने से लेकर 80 वर्षीय बूढ़े दादा को तैयार कराने तब का जिम्मा ठीक वैसे ही उठाया जैसे मां करती है। इस दौरान ऐसा नहीं रहा कि वह केवल घर के कामों में उलझी रही। इन सब के बीच अपनी पढ़ाई और अपने लक्ष्य को हासिल करने की जिद्द अब वैष्णवी की दिनचर्या बन गई है। पॉलिटिकल साइंस में कर रही मास्टर्स वैष्णवी राजनीति शास्त्र से मास्टर्स की पढ़ाई कर रही है। इसके साथ ही वह बीपीएससी की तैयारी पटना वाले खान सर के ऑनलाइन क्लास के जरिए कर रही है। इतना ही नहीं वह बीते साल 13 अगस्त को कौन बनेगा करोड़पति शो में महानायक अमिताभ बच्चन के साथ हॉट सीट साझा कर चुकी है। जहां उसने अच्छी-खासी रकम भी जीता। वैष्णवी कहती है कि मां स्वरूप की जो जिम्मेवारी निभाने का मौका उसे भगवान ने दिया, उसे तमाम उम्र निभाएगी। जिम्मेदारी बड़ी जरूर है, लेकिन छोटे से उम्र से इसकी आदत लग चुकी है। परिजन हुए नाराज पर नहीं की दूसरी शादी वैष्णवी के पिता विवेकानंद बताते हैं कि वैष्णवी के मां के जाने के बाद परिवार वालों ने दूसरी शादी का सुझाव दिया। काफी विचार विमर्श करने के बाद इसके लिए मैंने साफ मना कर दिया। बताते हैं कि जब परिवार वालों ने हमसे दूसरी शादी की बात की तो एक समय ऐसा लगा कि बेटी छोटी है। बूढ़े मां बाप हैं, इस पर विचार किया जाना चाहिए। लेकिन लोगों के दूसरी शादी के अनुभव से मैं घबरा गया। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए मैंने यह निर्णय लिया कि मैं दूसरी शादी नहीं करूंगा। हालांकि मेरे इस फैसले से परिवार वाले बेहद नाराज हुए। बुआ ने घर आना बंद कर दिया। लेकिन मैं अपने फैसले पर अटल रहा।

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