झीमर नाले की देशी महुआ शराब विभिन्न स्थानों को भेजा जा रहा

झीमर नाले की देशी महुआ शराब विभिन्न स्थानों को भेजा जा रहा
अनूपपुर।
अनूपपुर जिले के डूमर कछार नगर परिषद के अंतर्गत झीमर नाले की देशी महुआ शराब जिले के हर कोने में बड़े पैमाने पर पहुंच रही है साथ ही मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर बसी हुई ये भौगोलिक स्थिति तस्करों के लिए वरदान बन गई है। मध्यप्रदेश में तैयार की जा रही अवैध कच्ची शराब अब छत्तीसगढ़ के खोंगापानी, झगराखांड एवं अन्य बाजारों तक भी पहुंच रही है। सीमाएं पार कर रहा यह नशे का धंधा अब केवल एक जिले की नहीं, बल्कि दो राज्यों की कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौती बन चुका है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक दिन लाखों का शराब जिले के विभिन्न क्षेत्र एवं पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में पहुंच  रहा है।
झीमर की शराब अब शहर की सड़कों पर स्कूटी में भरकर लाई जा रही थी 20 लीटर देशी महुआ शराब
कभी जंगलों के कोने में सीमित रहने वाली झीमर की कुख्यात महुआ शराब अब स्कूटी की सवारी पर निकल पड़ी है कृ खुलेआम शहर की सड़कों पर, बेझिझक। 5 मई को बिजुरी पुलिस ने कोरजा तिराहे पर मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को पकड़ा, जो स्कूटी में 20 लीटर हाथ भट्ठी की शराब भरकर बिक्री के लिए ला रहा था। आरोपी राजेश लकड़ा, ग्राम झीमर पौराधार निवासी है। उसके पास से ब्ळ 16 ब्ज् 3928 नंबर की स्कूटी समेत कुल 62,000 का माल बरामद किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। ये घटना सिर्फ एक पकड़ नहीं है, ये संकेत है कि झीमर की शराब अब गांव-जंगल तक सीमित नहीं रही कृ अब ये शहरी गलियों में अपना रास्ता खोज रही है। झीमर शराब की उगती बेल, काटने की बजाय अब बस थोड़ी-थोड़ी छँटी जा रही है झीमर, जो कुछ समय पहले तक शांत गांव था, अब नक्शे पर एक और पहचान बना रहा है कृ देशी शराब का अघोषित गढ़। हाल ही में झीमर के नालों में चल रही अवैध भट्ठियों का पर्दाफाश हुआ था, लेकिन असली सवाल है कृ क्या बंद भी हुआ? हर सप्ताह कोई न कोई ट्यूब पकड़ी जाती है, स्कूटी से शराब मिलती है, मगर असली धारा कृ जो इन भट्ठियों से बह रही है कृ अब भी बेरोकटोक चल रही है। ये जो 20 लीटर शराब पकड़ी गई है, वो असल में उस नशे के सागर की एक बूँद है, जो झीमर की झाड़ियों में अब भी खौल रहा है।
कदम बढ़ाए हैं पुलिस ने, अब जरूरत है कि पूरा सिस्टम भी जागे
इस कार्रवाई में अनूपपुर पुलिस की सजगता और तत्परता प्रशंसनीय रही। एसपी  मोती उर्र रहमान, एएसपी मोहम्मद इसरार मंसूरी और एसडीओपी आरती शाक्य के मार्गदर्शन में निरीक्षक विकास सिंह और उनकी टीम ने जो काम किया, वह कानून के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है। लेकिन अब यह भी समय है कि प्रशासन, आबकारी विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस नशे की जड़ तक पहुँचें कृ केवल ट्यूब और बोतलें पकड़ने से बदलाव नहीं आएगा, जब तक स्रोत सूखाया न जाए। कार्रवाई हो रही है, पुलिस जाग रही है कृ अब देखना यह है कि क्या बाकी तंत्र भी नींद से जागता है या झीमर की शराब यूँ ही सड़कों पर उतरती रहेगी?
इनका कहना है
यह शराब झीमर से आई है आरोपी भी झीमर का ही है
विकास सिंह
थाना प्रभारी बिजुरी

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