पहाड़ी कोरवा आत्महत्या केस, तीन अन्य आरोपी गिरफ्तार:क्रशर संचालकों का बड़े भाई व दो सहयोगियों पर कार्रवाई, फरार क्रशर संचालकों की तलाश जारी

बलरामपुर जिले के ग्राम भेस्की में भू-माफिया और क्रशर संचालक की प्रताड़ना से तंग आकर बुजुर्ग पहाड़ी कोरवा के आत्महत्या मामले में राजपुर पुलिस ने क्रशर संचालकों के बड़े भाई एवं दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। क्रशर संचालकों ने मृत पहाड़ी कोरवा की पत्नी के नाम पर संयुक्त खाते की भूमि को धोखे से दूसरे के नाम रजिस्ट्री करा दी थी। तीनों के खिलाफ राजपुर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई की गई है। जानकारी के मुताबिक, 22 अप्रैल को भेस्की निवासी भइरा कोरवा (65) ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। भइरा कोरवा को क्रशर संचालक विनोद अग्रवाल उर्फ मघु, प्रवीण अग्रवाल और साथियों द्वारा मारने-पीटने और जमीन खाली करने के लिए लगातार धमकाया जा रहा था। इसके अलावा, जमीन से जुड़ी एक फर्जी रजिस्ट्री के मामले में की गई शिकायत को वापस लेने का भी उन पर दबाव डाला जा रहा था। धोखाधड़ी कर कराई थी रजिस्ट्री
नवंबर 2024 में विनोद अग्रवाल और प्रवीण अग्रवाल ने भइरा कोरवा की पत्नी जुबारो बाई के नाम दर्ज संयुक्त खाते की लगभग 6 एकड़ जमीन को फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवा ली। यह रजिस्ट्री राजपुर तहसील कार्यालय में शिवाराम नगेसिया, निवासी ग्राम नवकी, थाना राजपुर के नाम कराई गई थी। फर्जी तरीके से विशेष संरक्षित कोरवा जनजाति परिवार के संयुक्त खाते की जमीन रजिस्ट्री कराने के मामले में पुलिस ने क्रशर संचालकों, पटवारी, पंजीयक सहित अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। भाई सहित तीन गिरफ्तार
मामले में राजनैतिक पहुंच रखने वाले क्रशर संचालक विनोद अग्रवाल एवं प्रवीण अग्रवाल फरार हैं। मामले में पुलिस ने क्रशर संचालकों के बड़े भाई महेंद्र अग्रवाल (52 वर्ष), निवासी राजपुर, सहयोगी अमित कुमार गुप्ता (34) निवासी बलरामपुर एवं पटवारी रजाउल हसन (38 वर्ष) निवासी उदारी, लुंड्रा को गिरफ्तार किया गया है। मामले में पूर्व में शिवा राम नगेशिया, उदय शर्मा एवं कमला को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें जेल भेजा गया है। संलिप्तता मिलने पर हुई कार्रवाई
बलरामपुर SP वैभव बैंकर ने बताया कि मामले की जांच में पता चला कि विनोद अग्रवाल एवं प्रवीण अग्रवाल द्वारा 14 लाख रुपए का चेक बैंक ऑफ बड़ौदा अंबिकापुर के मध्यम से मूल्य चुकता बताकर पहाड़ी कोरवा की जमीन शिवाराम के नाम पर रजिस्ट्री कराई गई थी। शिवाराम को मिले पैसे की जांच में पता चला कि उक्त पैसे प्रियंका ट्रेडर्स के संचालक अमित गुप्ता के खाते से RTGS की गई थी। अमित गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि यह राशि उसने विनोद अग्रवाल के बड़े भाई महेंद्र अग्रवाल के द्वारा ट्रांसफर कराए गए थे। उसे जोगी राम अग्रवाल के पेट्रोल पंप से नगद राशि दी गई थी। मामले में रजाउल हसन की भी संलिप्तता पाई गई। पूर्व में दर्ज प्रकरण में तीनों को सह आरोपी बनाया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी
बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें बनाई गई हैं। मामले में बलरामपुर पुलिस ने आरोपी क्रशर संचालक एवं सहयोगियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धाराओं के तहत भी अपराध दर्ज किया है। क्रशर संचालकों के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें
क्रशर संचालक विनोद अग्रवाल और उनके भाई प्रवीण अग्रवाल के खिलाफ पूर्व में भी जमीन की धोखाधड़ी कर फर्जी रजिस्ट्री कराने से जुड़े कई मामले लंबित हैं। वर्ष 2020 में क्रशर प्लांट में एक आदिवासी युवक को डालकर हत्या करने का आरोप भी लगा था। मामले में धारा 309 का अपराध दर्ज किया गया था। इसके खिलाफ कुल 14 आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। उसके खिलाफ जिला बदर का मामला भी पेश किया गया था।

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