नवा रायपुर की चौड़ी और सूनी सड़कों पर हादसे थम नहीं रहा है। जबकि यहां की सड़कें ज्यादातर समय सूनी रहती हैं। फिर हर दूसरा दिन किसी न किसी सड़क पर हादसे हो रहे हैं। पुलिस ने 120 दिनों के हादसों की समीक्षा की है। नवा रायपुर से लगे चार थाना क्षेत्रों में 120 दिनों में 78 हादसे हुए हैं। इसमें 28 लोगों की जान गई है। जबकि कई हादसे ऐसे हैं, जिसमें गाड़ी चालक ने शिकायत नहीं की या आपस में राजी नामा कर लिया। पुलिस की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि नवा रायपुर में हादसे की एक मात्र वजह हाईस्पीड है। क्योंकि वहां ट्रैफिक का दबाव कम है। रात में सड़कें सूनी रहती हैं। सड़क बहुत चौड़ी है। इसलिए ड्राइवर हाईस्पीड में गाड़ी चलाते है।
100 से ज्यादा रफ्तार में कारें दौड़ती है। इस वजह से हादसे भी ज्यादा हो रहे हैं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि खंभा उखड़कर फेंका गया, मलबे में बदली कार, पुलिस बोली- कार हाईस्पीड पर थी 10 जगह लगे हैं 40 कैमरे
नवा रायपुर की 10 सड़कों पर 40 हाईस्पीड फोकस कैमरा लगाया गया है। कार अगर 100 किलोमीटर प्रति घंटा और बाइक-मोपेड 60 किलोमीटर प्रति घंटा से ऊपर चलती है तो ई-चालान किया जाता है। पुलिस का दावा है कि पिछले 120 दिनों में हाईस्पीड चलने वाले 4800 गाड़ियों का ई-चालान किया गया है। 6.10 लाख रुपए जुर्माना वसूला है। रात 12 के बाद ज्यादा हादसे
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक नवा रायपुर में रात 12 बजे से 4 बजे के बीच ही सबसे ज्यादा हादसा हो रहा है। युवा आधी रात को नवा रायपुर घूमने निकलते है। 90 फीसदी हादसे में गाड़ी बिजली खंभा, पेड़, रेलिंग और डिवाइडर से टकराई है। मरने वाले में 92 फीसदी युवा है। ज्यादातर हादसा कार में हुआ है। 10 फीसदी हादसे में गाड़ी आपस में टकराए हैं। रोज कार्रवाई
नवा रायपुर में रोज हाई स्पीड पर कार्रवाई की जा रही है। 75 गाड़ियों का ई-चालान भेजा जाता है। अब नशे में ड्राइव में गाड़ी चलाने वालांे पर कार्रवाई की जा रही है।
-सतीश ठाकुर, डीएसपी ट्रैफिक


