भास्कर न्यूज | अमृतसर अटारी हलके के गांव चब्बा में दिसंबर 2022 में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का नींव पत्थर रखा गया था। कुछ महीनों में प्लांट शुरू भी कर दिया गया। अब यह प्लांट बंद पड़ा है। गांव में गंदगी और बदबू का माहौल है। लोग बीमारियों के डर से परेशान हैं। गांव वालों ने बताया कि सरकारी रिकॉर्ड में प्लांट चालू है। लेकिन जमीन पर हालात खराब हैं। प्लांट में तीन हौद बनाए गए हैं। इनकी गहराई कम है। यहां डेंगू मच्छर पनप रहे हैं। लाखों रुपए खर्च हुए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। गंदा पानी तीनों हौद से सीवरेज पाइपलाइन के जरिए बरसाती ड्रेन में फेंका जा रहा है। ड्रेन का लेवल ऊंचा होने से पानी वापस गांव में फैल रहा है। पाइपलाइन ब्लॉक है। इससे गंदगी और बढ़ गई है। प्लांट के पास एक तरफ स्कूल है। उस ओर दीवार बना दी गई है। दूसरी तरफ मंदिर है, वहां दीवार नहीं बनाई गई। प्लांट लगाते समय मंदिर की तरफ दीवार बनाने और बच्चों के खेलने के लिए ग्राउंड बनाने का वादा किया गया था। लेकिन कुछ नहीं हुआ। उल्टा मंदिर की जगह भी गंदगी से खराब हो रही है। गांव में पीने का पानी भी गंदा आ रहा है। गांव के छप्पड़ की सफाई पिछले 15 साल से नहीं हुई। हर साल सफाई के लिए ग्रांट आती है। फिर भी छप्पड़ नहीं साफ किया गया। गंदा पानी जमीन में मिलकर ग्राउंड वाटर को भी खराब कर रहा है। एक प्राइवेट एजेंसी ने पानी की जांच की थी। रिपोर्ट में बताया गया कि पानी पीने लायक नहीं है। मंदिर कमेटी के मनीष रामबानी और जोगिंदर पाल ने कहा कि प्लांट बनाते समय मंदिर की तरफ दीवार बनाने का वादा किया गया था। लेकिन सरकार ने अब तक कुछ नहीं किया। उन्होंने मांग की कि गंदगी हटाई जाए। प्लांट को दोबारा शुरू किया जाए। मंदिर कमेटी से किए गए वादे पूरे किए जाएं। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने के कारण छप्पड़ में फैली गंदगी। (दाएं) जानकारी देते गांववासी । ^रोजाना लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए दरबार लगाया जाता हैं। चब्बा के लोगों को अगर कोई परेशानी आ रही है तो उन्हें आकर बता सकते हैं उसका समाधान करवाया जाएगा। सीवरेज की गंदगी को साफ करवाया जाएगा। विभागों से बात करके मंदिर कमेटी वाली बात का भी समाधान निकाला जएगा। बाकी पंजाब के गांवों में बने छप्पर को थापर मॉडल में बदला जा रहा है। – विधायक जसविंदर सिंह रमदास


