भास्कर न्यूज | लुधियाना जिला शिक्षा अधिकारी प्राइमरी, रविंदर कौर द्वारा गठित निरीक्षण कमेटी ने जिले में बिना मान्यता के चल रहे दो स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तुरंत बंद करने के आदेश जारी किए हैं। यह कदम शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई एक्ट) 2009 की धारा 18(1) के उल्लंघन को देखते हुए उठाया गया है। दोनों संस्थानों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर यह कार्रवाई की गई। पहला मामला शेरपुर कला स्थित “प्रेरणा अकादमी” का है, जिसका निरीक्षण 24 अप्रैल 2025 को किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संस्थान में पहली से पाँचवीं तक के कुल 65 बच्चे नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे थे। हालांकि, संचालिका का दावा था कि यह एक ट्यूशन सेंटर है, लेकिन मौके पर स्कूल की तरह कक्षाएं चलती मिलीं। दूसरा मामला शेरा कॉलोनी, टिब्बा रोड स्थित “सार्थक अकादमी” का है। 22 अप्रैल 2025 को हुए निरीक्षण में यहाँ नर्सरी से सातवीं तक के 96 बच्चे पढ़ते पाए गए। संचालिका ने इसे भी ट्यूशन सेंटर बताया, लेकिन व्यवस्थाएं स्कूल की तरह पाई गईं। जिला शिक्षा अधिकारी रविंदर कौर ने दोनों स्कूलों को आरटीई एक्ट का उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को नजदीकी सरकारी स्कूलों में जल्द से जल्द दाखिल करवाया जाए ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। निरीक्षण कमेटी की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग का सख्त रुख साफ दिखा है, जो बिना मान्यता के चल रहे अन्य संस्थानों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने की ओर संकेत देता है।


