गांवों में अब भी खौफ:बॉर्डर के 50% ग्रामीण शाम को सुरक्षित स्थानों पर लौटे… इंडस्ट्री भी सदमे में

जीरो लाइन पर बसे गांव सिंबल सकौल के सरपंच दीप कुमार ने बताया कि सुरक्षित जगहों पर गए लोग घर वापस लौटे हैं, लेकिन शाम 4 बजे उनमें से 50 फीसदी वापस बमियाल चले गए हैं। टींडा गांवों में भी 50 फीसदी लोग लौटे हैं। जैदपुर खुदाईपुर के सरपंच मुनीष कुमार ने बताया कि उनके गांवों में लोगों में दहशत नहीं है और सभी इकट्‌ठा हैं। फाजिल्का के सरहदी गांव पक्का चिश्ती,चूहड़ी वाला चिश्ती,मुंहार सोना,मुहार जमशेर,मुहार खीवा,चक खीवा सहित लगभग एक दर्जन गांवों से पलायन कर गए लोगों में अभी भी खौफ बरकरार है। लोगों को पाक पर एतबार नहीं किया जा सकता। गांव भखड़ा के पूर्व सरपंच सरदूल सिंह व गांव गट्‌टी रहीमें के के सरपंच रेशम सिंह ने कहा, हजारा सिंह वाला ,भखड़ा,जल्लोके, गट्टी रहीमें के, टेंडी वाला, चांदी वाला, गट्‌टी राजों के से कुछ परिवार सोमवार को भी लौट आए हैं। लोग धान बीजने की तैयारी कर रहे है। लुधियाना महानगर में इंडस्ट्री अभी भी सदमे में है। सब्ज़ी मंडी मार्किट में रोजाना तीन से चार ट्रक पपीता श्री नगर जाते थे जो कुछ दिन के लिए बंद हो गए।

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