मुरैना में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान के विरोध में कांग्रेस द्वारा 24 दिसंबर को एक व्यापक पैदल मार्च का आयोजन किया जाएगा। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मधुराज तोमर और दीपक शर्मा करेंगे। कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह के कथित आपत्तिजनक बयान और बीजेपी की संविधान-विरोधी मानसिकता के खिलाफ यह मार्च आयोजित करने का फैसला लिया है। प्रदर्शन का समापन कलेक्टर को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के साथ किया जाएगा। बता दें कि, 18वीं लोकसभा के शीतकालीन सत्र में संविधान और डॉ. अंबेडकर को लेकर दिए गए बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अमित शाह ने एक बयान में कहा, “अभी एक फैशन हो गया है अंबेडकर-अंबेडकर का नाम लेना। इतना नाम भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।” इस टिप्पणी को कांग्रेस ने डॉ. अंबेडकर और संविधान के आदर्शों का अपमान बताया है। कांग्रेस का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के प्रति तिरस्कार दिखाया है। कांग्रेस ने बीजेपी और अमित शाह पर आरक्षण समाप्त करने और संविधान को बदलने की साजिश का भी आरोप लगाया है। पैदल मार्च की रूपरेखा 24 दिसंबर को दोपहर 12 बजे यह प्रदर्शन मुरैना के सिंगल बस्ती क्षेत्र से प्रारंभ होगा। यहां डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारी डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा और “अमित शाह को बर्खास्त करो” जैसे नारों के साथ शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुरानी कलेक्ट्रेट तक मार्च करेंगे। प्रदर्शन का समापन कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के साथ होगा। प्रमुख नेताओं और जनसमूह की भागीदारी जिला कांग्रेस कमेटी ने विधायक, पूर्व विधायक, जनप्रतिनिधि, अनुसूचित जाति/जनजाति के भाईयों और कांग्रेस से जुड़े सभी प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों से मार्च में शामिल होने की अपील की गई है। साथ ही आम जनता से भी अधिक संख्या में भागीदारी का अनुरोध किया गया है। अधिकारियों का बयान और मांग जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा है कि गृह मंत्री अमित शाह का बयान देश के संवैधानिक मूल्यों और बाबा साहेब अंबेडकर के आदर्शों का घोर अपमान है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अमित शाह का इस्तीफा मांगते हुए यह भी चेतावनी दी है कि जब तक इस्तीफा नहीं दिया जाएगा, प्रदर्शन और विरोध जारी रहेगा।


