छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में रेत माफियाओं द्वारा आरक्षक पर ट्रैक्टर चढ़ा हत्या करने के मामले में पुलिस ने दो संदेहियों को हिरासत में लिया है। पुलिस की पांच टीमें रेत तस्करों को पकड़ने में जुटी है। रेत तस्करों को पुलिस संरक्षक के भी आरोप लग रहे हैं। आरक्षक की मौत के बाद सनावल थानेदार को सस्पेंड कर दिया गया है। रविवार की रात करीब 11 बजे सनावल पुलिस की टीम लिबरा में रेत तस्करों को पकड़ने पहुंची थी। पुलिस टीम के पहुंचने पर भाग रहे एक ट्रैक्टर को सनावल थाने के आरक्षक शिव बचन सिंह (43) ने रोकने की कोशिश की। ट्रैक्टर चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और आरक्षक को कुचलते हुए आगे बढ़ गया। हादसे में आरक्षक की मौत हो गई। चार माह से तस्करी, संरक्षक का भी आरोप
लिबरा में करीब चार माह से रेत की तस्करी हो रही थी। झारखंड के तस्कर लगातार बड़ी संख्या में गाड़ियां लगाकर रेत की तस्करी कर रहे थे। शनिवार की शाम ग्रामीण रेत तस्करी का विरोध करने लगे तो सनावल पुलिस ने रेत तस्करी करते हुए तीन गाड़ियों को पकड़ा था। आरोप है कि तस्करों से कमीशन लेकर गाड़ियां छोड़ दी गईं थी। लिबरा गांव के सरपंच, पंच और ग्रामीणों ने रेत खनन को लेकर सनावल थाना प्रभारी से लिखित में शिकायत की थी। जिसमें रेत माफिया रोहित यादव, विश्वकर्मा और शमशाद मोहम्मद शामिल है। उन्होंने आशंका भी जताई थी कि, रेत खदान स्थान पर कभी भी कुछ हादसा हो सकता है। रेत तस्कर लगातार ग्रामीणों को धमकी दे रहे थे। पांच टीमें बनाई, दो संदिग्ध हिरासत में
बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने बताया कि तस्करों को पकड़ने के लिए पांच टीमें लगाई गई हैं। पुलिस टीमों द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। प्रकरण में पुलिस की भूमिका की जांच की जा रही है। तीन गाड़ियों को पकड़ने के बाद छोड़ने का भी आरोप है, इसकी भी जांच की जा रही है कि गाड़ियां किन परिस्थितियों में छोड़ी गई थी। थाना प्रभारी को आईजी ने किया सस्पेंड
मामले में सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा ने सनावल के थाना प्रभारी दिव्य कांत पांडेय को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। सरगुजा आईजी ने कहा कि पुलिस जांच कर रही है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
मृत आरक्षक शिव बचन सिंह का गृहग्राम धमनी में सोमवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद पुलिस ने उन्हें सूचना भी नहीं दी। घटना की सूचना सोमवार सुबह उन्हें फारेस्ट कर्मियों से मिली, तब वे रामानुजगंज हास्पिटल पहुंचे। परिजनों को अब तक यकीन नहीं हो रहा है शिव बचन की मौत हो गई।


