आखिरकार रेलवे विभाग ने ताड़ोकी से रायपुर के बीच 20 साल पुरानी इलेक्ट्रिक ट्रेन के बजाय नई ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। जिसके बाद सोमवार से ताड़ोकी से रायपुर के बीच नई इलेक्ट्रिक ट्रेन शुरू हो गई। रेलवे के अनुसार अब आगे भी नई ट्रेन सप्ताह में 6 दिन ताड़ोकी से रायपुर के बीच चलेगी। 28 अप्रैल से पुरानी इलेक्ट्रिक ट्रेन को शुरू किया गया था। इस संबंध में दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर रेलवे प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराया था। जिसके बाद जिम्मेदार अफसर हरकत में आए। खबर के आधार पर रेलवे मंडल रायपुर की ओर से बिलासपुर रेल बोर्ड से नई ट्रेन की मांग की गई। रेल मंत्रालय में प्रस्ताव भेजा गया। जिसके बाद वहां से नई ट्रेन चलाने के लिए सहमति दी गई। 28 अप्रैल से जिस इलेक्ट्रिक ट्रेन को शुरू किया गया था, उसका निर्माण अगस्त 2004 में हुआ है, जबकि नई ट्रेन के रेक का निर्माण 2024 में हुआ है। 29 अप्रैल को प्रकाशित खबर। रफ्तार के चलते अब समय की बचत होगी, होगी सुविधा डीजल के बजाय इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने से कई फायदे होंगे। इंजन में खराबी नहीं आने व अन्य तकनीकी दिक्कत न होने से यह ट्रेन निर्धारित समय पर यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर पहुंचाएगी। वर्तमान में अंतागढ़ से रायपुर, दल्लीराजहरा से दुर्ग के बीच डीजल ट्रेन चल रही है। जिसको भविष्य में बिजली से चलाने की प्लानिंग बनी है। इसके लिए विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि कब से यात्रियों को सुविधा मिलेगी। अभी समय तय नहीं है। स्टेशन मास्टर से लेकर रायपुर रेल मंडल के अफसर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।


